हमीरपुर (यूपी): उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां महोबा कबरई थाने में तैनात दरोगा अंकित यादव ने अपनी शादीशुदा प्रेमिका किरन सिंह की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने किरन के कपड़े उतार दिए, फिर शव को कार की डिग्गी में डालकर सुनसान इलाके में सड़क किनारे फेंक दिया। सुबह जब ग्रामीणों ने लाश देखी तो कुत्ते शव को नोच रहे थे।
मौके की भयावह तस्वीरों से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
शव पहचानने के बाद खुली वारदात की परतें
पुलिस ने तीन टीमों को जांच में लगाया। कॉल डिटेल और परिवार से पूछताछ में पता चला कि मृतका किरन सिंह (महोबा) का कबरई थाने के दरोगा अंकित यादव से प्रेम संबंध था।
किरन शादीशुदा थी और उसके पति विनोद CRPF में तैनात हैं। दहेज उत्पीड़न के कारण दोनों के बीच मामला अदालत में चल रहा था।
पुलिस ने आरोपी दरोगा को उसी के सरकारी आवास से पकड़ा
रविवार सुबह पुलिस ने आरोपी उपनिरीक्षक अंकित यादव को महोबा स्थित सरकारी क्वार्टर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय उसने अपना चेहरा सफेद गमछे से ढक रखा था।
कैसे हुआ हत्या का पूरा घटनाक्रम?
एसपी दीक्षा शर्मा के अनुसार—
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12 नवंबर की रात अंकित और किरन कार से घूमने निकले थे।
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रास्ते में दोनों में किसी बात को लेकर तेज झगड़ा हो गया।
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गुस्से में अंकित ने कार में रखी लोहे की रॉड उठाई और किरन के सिर पर कई वार किए।
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मौके पर ही किरन की मौत हो गई।
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हत्या के बाद दरोगा ने किरन के कपड़े उतारे और शरीर को कार की डिग्गी में डाल दिया।
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फिर उसने शव को हमीरपुर के मौदहा-राठ रोड किनारे झाड़ियों में फेंक दिया।
13 नवंबर को सुबह गांववालों ने शव देखा, जिसे कुत्ते खींच रहे थे।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खौफनाक खुलासे
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सिर की हड्डी भारी वस्तु से टूट गई थी
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गले में दबाने और घसीटने के निशान
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शरीर पर कई चोटें
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शव से 20 मीटर दूर तक खून बिखरा मिला
2 डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया।
दहेज प्रताड़ना केस की जांच कर रहा था यही दरोगा
किरन के पिता ने बताया—
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शादी के एक साल बाद पति विनोद ने 2 लाख रुपए और ब्रेजा कार की मांग की।
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दहेज न मिलने पर उसे जहर पिलाकर मारने की कोशिश की गई।
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बेटी ने इसका केस दर्ज कराया।
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उस केस का जांच अधिकारी अंकित यादव ही था।
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इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकी बढ़ी।
किरन के भाई ने लगाए गंभीर आरोप
किरन के भाई सतीश ने दावा किया—
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12 नवंबर को बहन कोर्ट गई थी, जहां उसका अपहरण हुआ।
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हत्या में दरोगा और बहनोई दोनों शामिल हैं।
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सास, देवर और ननदोई पर भी आरोप लगाया।
अंकित यादव का कबूलनामा—”दिन में 10–10 कॉल करती थी”
मेडिकल के दौरान आरोपी दरोगा ने बताया—
“किरन मुझे दिन में 10–10 बार कॉल करती थी। मैंने नंबर ब्लॉक किया तो नए नंबर से कॉल करने लगी। धमकी देती थी कि झूठे केस में फंसा दूंगी।”
“12 नवंबर को कहा कि तुम्हारी कार से घूमने चल रही हूँ। मैंने सोचा समझा दूंगा। लेकिन रास्ते में वह फिर धमकी देने लगी। मैं गुस्से में आपा खो बैठा और रॉड से हमला कर दिया।”


