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आजमगढ़ में सड़क हादसे में महिला की मौत: 40 मिनट जाम में फंसे अखिलेश यादव, मृतक परिवार को दिया 1 लाख रुपये का सहयोग

रोडवेज बस की चपेट में आई महिला; ग्रामीणों ने सड़क जाम किया, मौके पर फंसे पूर्व सीएम ने डीएम से मुआवजा दिलाने की बात कही

आजमगढ़। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मंगलवार को हुए सड़क हादसे में 50 वर्षीय महिला लालमुन्नी की मौत हो गई। हादसे के बाद ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर आजमगढ़–मऊ मार्ग को जाम कर दिया। इसी दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी 40 मिनट तक जाम में फंसे रहे।

अखिलेश मऊ में दिवंगत विधायक सुधाकर सिंह के घर श्रद्धांजलि देने जा रहे थे, तभी उन्हें घटना की जानकारी मिली। उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी आजमगढ़ रविन्द्र कुमार को फोन कर पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा दिलाने की बात कही और स्वयं मृतका के पति को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी।


हादसा कैसे हुआ?

जहानागंज थाना क्षेत्र के ग्राम बस्ती निवासी लालमुन्नी दवा लेने हरैया चट्टी गई थीं। वापस लौटते समय रोड क्रॉस करते हुए वह आजमगढ़ से मऊ जा रही परिवहन निगम की बस की चपेट में आ गईं। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के तुरंत बाद मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली पुलिस शव को ऑटो में रखकर ले जाने लगी। इससे ग्रामीण और परिजन आक्रोशित हो उठे। वे दो किलोमीटर तक ऑटो का पीछा कर शव को वापस हरैया चट्टी लाए और सड़क पर रखकर बैठ गए।


अखिलेश यादव भी फंसे जाम में

इसी बीच पूर्व सीएम अखिलेश यादव का काफिला वहां पहुंचा और उन्हें भी करीब 40 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ा। स्थिति समझने पर उन्होंने तुरंत डीएम आजमगढ़ को फोन किया।

अखिलेश और डीएम के बीच बातचीत:

अखिलेश: “हेलो DM साहब, हाईवे पर एक्सीडेंट हुआ है। बेचारे किसान की पत्नी मर गई।”
डीएम: “जी सर, जाम क्लियर कराया जा रहा है।”
अखिलेश: “जाम को छोड़िए, एक व्यक्ति की मौत हुई है। सरकार क्या मदद करेगी? सीएम राहत कोष से सहायता कराइए। बाकी मैं खुद कर रहा हूं, आप भेज दीजिएगा। सरकार करे न करे, मैं तो मदद कर ही रहा हूं।”

इसके बाद अखिलेश यादव ने मृतका के पति जोखन राम को 1 लाख रुपए का लिफाफा सौंपा


प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की जानकारी पर भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
SP सिटी मधुबन सिंह, CO सदर आस्था जायसवाल, CO सगड़ी सहित 5 थानों की पुलिस तैनात की गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाकर जाम हटवाया।

उधर, अखिलेश यादव सांसद राजीव राय और सपा नेताओं के साथ घोसी के लिए रवाना हुए।


निष्कर्ष:

हरैया चट्टी का यह हादसा न केवल परिवहन व्यवस्थाओं की लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीणों के आक्रोश और प्रशासनिक संवेदनशीलता की भी परीक्षा बन गया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तत्काल आर्थिक मदद और मुआवजा सुनिश्चित करने के प्रयास से पीड़ित परिवार को राहत मिली। दुर्घटना के बाद प्रशासन ने जाम हटवाकर यातायात सुचारू कराया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

News Desk

Written by News Desk

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