नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (MGNREGA) को समाप्त कर उसकी जगह ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘VB-जी राम जी’ स्कीम लाने के प्रस्ताव पर सियासी घमासान तेज हो गया है।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को इस कदम का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मनरेगा को खत्म करने की कोशिश महात्मा गांधी के विचारों का सीधा अपमान है। राहुल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला और आरोप लगाया कि उन्हें गांधीजी के विचारों और गरीबों के अधिकारों से समस्या है।
राहुल गांधी का आरोप
राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि पिछले 10 वर्षों से मोदी सरकार मनरेगा को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और अब इसे पूरी तरह खत्म करने का इरादा है।
उन्होंने कहा कि ‘VB-जी राम जी’ बिल गरीब ग्रामीण परिवारों की आजीविका पर सीधा हमला है। राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बिल का सड़क से लेकर संसद तक विरोध करेगी।
मनरेगा पर राहुल की 2 बड़ी बातें
- मनरेगा महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने की जीवित मिसाल है। यह योजना करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए जीवन रेखा रही है और कोरोना महामारी के दौरान आर्थिक सुरक्षा कवच साबित हुई।
- मनरेगा की नींव तीन मूल सिद्धांतों पर रखी गई थी—
- काम का अधिकार
- गांवों को अपने विकास कार्य तय करने की स्वतंत्रता
- मजदूरी का खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाना
प्रियंका गांधी का लोकसभा में विरोध
मंगलवार को केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोकसभा में VB-जी राम जी बिल, 2025 पेश किया। इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने बिल का विरोध करते हुए कहा—
“सरकार को हर योजना का नाम बदलने की सनक है। यह समझ से परे है कि नाम बदलने से गरीबों की हालत कैसे सुधरेगी।”
VB-जी राम जी बिल में क्या है प्रस्ताव
अगर यह बिल पास होता है, तो यह मनरेगा को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा। सरकार का कहना है कि यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के विजन के अनुरूप लाई जा रही है।
बिल के मुताबिक—
- ग्रामीण रोजगार के दिन 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाएंगे।
- ग्रामीण विकास के लिए नया ढांचा तैयार किया जाएगा।
मनरेगा को लेकर अन्य नेताओं के बयान
- शशि थरूर (कांग्रेस): महात्मा गांधी का नाम हटाना गलत है, उनका विजन सामाजिक विकास का था।
- अखिलेश यादव (सपा): नाम बदलने से कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, बल्कि केंद्र अपना वित्तीय बोझ राज्यों पर डाल रहा है।
- कंगना रनौत (भाजपा): मनरेगा का नाम बदलना महात्मा गांधी का अपमान नहीं, बल्कि उनके सपनों को पूरा करना है।
- हरसिमरत कौर बादल (SAD): भगवान राम के नाम की आड़ में गरीबों के अधिकार छीने जा रहे हैं।
मनरेगा को हटाकर VB-जी राम जी स्कीम लाने का प्रस्ताव केवल एक प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि राजनीतिक और वैचारिक टकराव का मुद्दा बन गया है। जहां सरकार इसे ग्रामीण विकास के नए मॉडल के रूप में पेश कर रही है, वहीं विपक्ष इसे गरीबों की आजीविका और महात्मा गांधी के विचारों पर हमला बता रहा है। आने वाले दिनों में इस बिल पर संसद और सियासत दोनों में टकराव और तेज होने की संभावना है।


