नई दिल्ली | ढाका: बांग्लादेश में जारी राजनीतिक और सामाजिक अशांति के बीच भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे (सेवानिवृत्त) ने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों को लेकर बड़ा और संतुलित बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत का भविष्य उसके पड़ोसी देशों से गहराई से जुड़ा हुआ है, इसलिए रचनात्मक संवाद और सकारात्मक संबंध बनाए रखना बेहद आवश्यक है।
जनरल नरवणे का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और हिंसक घटनाएं सामने आई हैं।
‘भारत हमेशा अच्छे संबंधों का पक्षधर रहा है’
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि भारत ने हमेशा अपने पड़ोसियों के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखने की कोशिश की है। उन्होंने बांग्लादेश के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से परहेज करते हुए कहा—
“हम दूसरों के हालातों पर टिप्पणी नहीं करते। राजनीति में कई बार ऐसी बातें कही जाती हैं जो सच नहीं होतीं। भारत और उसके पड़ोसी देशों का भविष्य आपस में जुड़ा है और हम सभी के लिए अच्छे संबंध बनाए रखना जरूरी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि राजनीतिक बयानबाजी अक्सर गलत सूचना को जन्म देती है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
रचनात्मक बातचीत की जरूरत पर जोर
जनरल नरवणे ने पड़ोसी देशों के साथ संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि टकराव की जगह रचनात्मक बातचीत ही क्षेत्रीय स्थिरता और विकास का रास्ता है। उन्होंने कहा कि भारत का फोकस हमेशा रिश्तों को पोषित करने पर रहा है, न कि दूसरों के आंतरिक मामलों में दखल देने पर।
छात्र नेता हादी की मौत से भड़की हिंसा
गौरतलब है कि बांग्लादेश के प्रमुख छात्र नेता, इंकलाब मंच के संयोजक और फरवरी 2026 के संभावित संसदीय उम्मीदवार शरीफ उस्मान हादी का 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर में निधन हो गया था। वे ढाका में हुए एक हमले में गोली लगने के बाद इलाज के लिए वहां ले जाए गए थे।
शनिवार को हादी को पूरे सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। उनकी नमाज-ए-जनाजा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। परिवार की इच्छा के अनुसार उन्हें राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम की कब्र के पास दफनाया गया।
हिंसा में हिंदू युवक की हत्या
हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में फैली हिंसा के दौरान मयमनसिंह जिले में 27 वर्षीय हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले में सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने सात संदिग्धों को हिरासत में लिया, जबकि पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
निष्कर्ष:
पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज नरवणे का बयान ऐसे समय में आया है, जब दक्षिण एशिया में राजनीतिक अस्थिरता और सामाजिक तनाव बढ़ रहा है। उनका यह संदेश स्पष्ट है कि भारत की सुरक्षा, स्थिरता और प्रगति उसके पड़ोसियों के साथ संतुलित और सकारात्मक रिश्तों पर निर्भर करती है। बांग्लादेश में चल रही अशांति के बीच उनका यह रुख कूटनीतिक संयम और संवाद की अहमियत को रेखांकित करता है।


