लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बजट 2026-27 में योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ को विकास का बड़ा तोहफा दिया है। बजट में लखनऊ के लिए करीब 1000 करोड़ रुपए के विकास प्रस्ताव रखे गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट कुकरैल नाइट सफारी के लिए 207 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा कैंसर संस्थान, राष्ट्र प्रेरणा स्थल, डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मिल्क प्रोड्यूसिंग कंपनी जैसे अहम प्रोजेक्ट्स के लिए भी खजाना खोला गया है।
वित्त मंत्री ने बजट भाषण में साफ किया कि राजधानी को पर्यटन, स्वास्थ्य, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर के हब के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कुकरैल नाइट सफारी को मिला 207 करोड़ का बूस्ट
लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में बन रही नाइट सफारी को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है। बजट में इसके लिए 207 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जाती है।
कुकरैल नाइट सफारी कुल 2027 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही है। इस पूरी परियोजना पर 1510 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने पिछले बजट में 100 करोड़ रुपए जारी किए थे और अब नई राशि के साथ काम को गति देने की तैयारी है।
सरकार का कहना है कि यह नाइट सफारी सिंगापुर की नाइट सफारी की तर्ज पर विकसित की जाएगी, जहां पर्यटक रात में भी खुले वातावरण में टाइगर, लेपर्ड, भालू और अन्य वन्यजीवों को देख सकेंगे।
देश की पहली और एशिया की 5वीं नाइट सफारी
16 अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुकरैल नाइट सफारी और नए चिड़ियाघर के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। यह प्रोजेक्ट देश का पहला और एशिया का पांचवां नाइट सफारी प्रोजेक्ट बताया गया है।
योजना के तहत—
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350 एकड़ में नाइट सफारी
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150 एकड़ में नया प्राणि उद्यान
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नवाब वाजिद अली शाह चिड़ियाघर को भी यहीं शिफ्ट किया जाएगा
पूरा प्रोजेक्ट दो चरणों में पूरा होगा। पहले चरण में नाइट सफारी और इको-टूरिज्म जोन, जबकि दूसरे चरण में चिड़ियाघर का निर्माण किया जाएगा।
72% एरिया रहेगा ग्रीन, सोलर एनर्जी का होगा इस्तेमाल
सरकार का दावा है कि नाइट सफारी क्षेत्र का 72 फीसदी हिस्सा हरियाली से भरा रहेगा। यहां सौर ऊर्जा का इस्तेमाल किया जाएगा। इको-टूरिज्म जोन में कैफेटेरिया, 7-डी थिएटर, ऑडिटोरियम, पार्किंग और एडवेंचर जोन भी बनाए जाएंगे।
हालांकि अभी तक इस प्रोजेक्ट का टेंडर कैबिनेट से पास होना बाकी है, जिसे अप्रैल में मंजूरी मिलनी थी। सरकार का कहना है कि जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम तेज किया जाएगा।
कैंसर संस्थान के लिए 315 करोड़ रुपए
लखनऊ के जियामऊ स्थित कैंसर संस्थान के लिए बजट में 315 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी में ही अत्याधुनिक कैंसर इलाज की सुविधा मिले, जिससे मरीजों को बाहर न जाना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस फंड से नई मशीनें, आधुनिक इलाज सुविधाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। इससे कैंसर मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेरणा स्थल के लिए 50 करोड़ का कॉर्पस फंड
लखनऊ के पश्चिम-उत्तरी छोर पर बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल के प्रबंधन, संचालन, सुरक्षा और अनुरक्षण के लिए 50 करोड़ रुपए का कॉर्पस फंड जारी किया गया है।
सरकार का कहना है कि यह स्थल राष्ट्रीय चेतना और प्रेरणा का केंद्र बनेगा। इसके बेहतर रख-रखाव और संचालन के लिए स्थायी फंड जरूरी था, जिसे अब बजट में मंजूरी दे दी गई है।
लखनऊ में खुलेगी मिल्क प्रोड्यूसिंग कंपनी
महिला सामर्थ्य योजना के तहत लखनऊ में मिल्क प्रोड्यूसिंग कंपनी खोली जाएगी। इससे पहले गोरखपुर, बरेली और रायबरेली में इस योजना पर काम शुरू हो चुका है।
सरकार का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। लखनऊ में कंपनी खुलने से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और आय के नए अवसर मिलेंगे।
डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से 53 हजार रोजगार
बजट में लखनऊ डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर परियोजना के लिए अतिरिक्त राशि का भी प्रावधान किया गया है। सरकार के मुताबिक—
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अब तक 200 रक्षा उद्योगों के लिए MOU
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35,280 करोड़ रुपए का निवेश
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53,263 लोगों को सीधे रोजगार
इस परियोजना से लखनऊ को औद्योगिक पहचान मिलने की उम्मीद है।
लखनऊ समेत 17 नगर निगम बनेंगे सोलर सिटी
बजट में अयोध्या, मथुरा और लखनऊ समेत 17 नगर निगमों को सोलर सिटी के रूप में विकसित करने की योजना भी शामिल है। इससे ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
नई आवासीय और औद्योगिक योजनाएं
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण और नए शहर प्रोत्साहन योजना के तहत—
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लखनऊ में 22 साल बाद नई आवासीय योजना
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मेरठ में 35 साल बाद
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आगरा में 33 साल बाद
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बुलंदशहर में पहली बार औद्योगिक योजना
इन योजनाओं से रियल एस्टेट और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य अहम घोषणाएं
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ऐशबाग में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर सांस्कृतिक केंद्र
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आयुर्वेदिक और यूनानी दवाओं के उत्पादन में बढ़ोतरी
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हर जिला अस्पताल में इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर
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छात्राओं के लिए हॉस्टल
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10 हजार टूरिस्ट गाइडों का कौशल विकास
इन सभी योजनाओं का लाभ लखनऊ को भी मिलेगा।
यूपी बजट 2026-27 में योगी सरकार ने लखनऊ को विकास का मॉडल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कुकरैल नाइट सफारी, कैंसर संस्थान, मिल्क प्रोड्यूसिंग कंपनी और डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाएं राजधानी की तस्वीर बदल सकती हैं। अगर ये योजनाएं समय पर जमीन पर उतरती हैं, तो लखनऊ पर्यटन, स्वास्थ्य और रोजगार के बड़े केंद्र के रूप में उभर सकता है।


