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बंगाल में ‘तुष्टिकरण बनाम विकास’ की जंग: अमित शाह का बड़ा दावा—8 लाख करोड़ के कर्ज में डूबा राज्य, TMC की विदाई तय

केंद्रीय गृह मंत्री: Amit Shah ने पश्चिम बंगाल में चुनावी बिगुल फूंकते हुए दक्षिण 24 परगना में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार और मुख्यमंत्री Mamata Banerjee पर तीखे हमले किए। शाह ने आरोप लगाया कि “तुष्टिकरण की राजनीति से कभी विकास नहीं हो सकता” और दावा किया कि पश्चिम बंगाल आज आठ लाख करोड़ रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।

‘तुष्टिकरण ने रोका विकास’

अमित शाह ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियां संतुलित विकास के बजाय वोट बैंक की राजनीति पर आधारित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ वर्गों को खुश करने के लिए बनाई गई नीतियों से राज्य की आर्थिक स्थिति कमजोर हुई है। शाह ने कहा कि बंगाल की जनता अब यह समझ चुकी है और आगामी चुनाव में बदलाव तय है।

उन्होंने बेलडांगा में कथित ‘बाबरी मस्जिद षड्यंत्र’ का भी जिक्र करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। हालांकि इन आरोपों पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

‘परिवर्तन यात्रा’ से सत्ता परिवर्तन का दावा

गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा की ‘परिवर्तन यात्रा’ का मकसद बंगाल में एक नई शुरुआत करना है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्य को भ्रष्टाचार और घुसपैठ से मुक्त कर विकास की राह पर ले जाना चाहती है। शाह ने कहा कि “बंगाल को घुसपैठियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बना दिया गया है। भाजपा की सरकार बनने पर इसे खत्म किया जाएगा।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी हिंदू शरणार्थी की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी और सीमा की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा।

‘सरकार ममता नहीं, भतीजा चलाएगा’

अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर व्यक्तिगत हमला करते हुए कहा कि यदि गलती से तृणमूल कांग्रेस फिर सत्ता में आई तो सरकार ममता बनर्जी नहीं बल्कि उनके ‘भतीजे’ द्वारा चलाई जाएगी। उनका इशारा तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर माना जा रहा है। शाह ने आरोप लगाया कि राज्य की राजनीति परिवारवाद की ओर बढ़ रही है।

उन्होंने पूर्व डीजीपी राजीव कुमार को राज्यसभा भेजे जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके कार्यकाल में भ्रष्टाचार बढ़ा।

मदरसों और आर्थिक मदद पर सवाल

शाह ने राज्य में मदरसों को मिलने वाली आर्थिक सहायता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शिक्षा नीति में संतुलन जरूरी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसाधनों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।

दूसरे राज्यों पर भी टिप्पणी

गृह मंत्री ने अपने भाषण में अन्य राज्यों की राजनीति पर भी निशाना साधा। उन्होंने बिहार, असम और तमिलनाडु में परिवारवाद का आरोप लगाते हुए तेजस्वी यादव, गौरव गोगोई और एम.के. स्टालिन की राजनीति की आलोचना की। शाह ने कहा कि भाजपा वंशवाद के खिलाफ है और मेरिट आधारित नेतृत्व को बढ़ावा देती है।

सातवें वेतन आयोग का वादा

अमित शाह ने वादा किया कि यदि भाजपा पश्चिम बंगाल में सत्ता में आती है तो राज्य कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के साथ न्याय किया जाएगा और उनकी लंबित मांगों को पूरा किया जाएगा।

राजनीतिक माहौल गरम

शाह की इस रैली के बाद बंगाल की राजनीति और गरमा गई है। तृणमूल कांग्रेस ने पहले भी भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा का दावा है कि राज्य में बदलाव की लहर चल रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में बंगाल में चुनावी बयानबाजी और तेज हो सकती है। दोनों दलों के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है, जिसमें मुद्दे—तुष्टिकरण, घुसपैठ, भ्रष्टाचार और आर्थिक कर्ज—केंद्र में रहेंगे।

दक्षिण 24 परगना की रैली में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नए सिरे से गरमा दिया है। आठ लाख करोड़ के कर्ज, तुष्टिकरण और घुसपैठ जैसे मुद्दों को उठाकर भाजपा ने चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब देखना होगा कि जनता इन दावों और आरोपों को किस नजर से देखती है और आगामी चुनाव में किसे जनादेश देती है।

News Desk

Written by News Desk

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