in , , , , ,

खाटू श्याम दरबार बना VIP आस्था का केंद्र! CM से लेकर डिप्टी CM तक—अप्रैल में लगा दिग्गजों का तांता

राजस्थान: के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम मंदिर इन दिनों सिर्फ आस्था का ही नहीं बल्कि VIP गतिविधियों का भी बड़ा केंद्र बन गया है। अप्रैल 2026 का महीना इस मंदिर के इतिहास में खास बनता जा रहा है, जहां लगातार देश के बड़े राजनीतिक नेता, मंत्री, क्रिकेटर और अन्य प्रभावशाली हस्तियां बाबा श्याम के दरबार में हाजिरी लगा रही हैं।

रविवार को इस कड़ी में नया नाम जुड़ा उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का, जो अपने परिवार के साथ खाटूश्यामजी पहुंचे। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की और देश की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की। मंदिर परिसर में उनके आगमन को लेकर खास उत्साह देखा गया और पारंपरिक तरीके से उनका स्वागत किया गया।

VIP मूवमेंट ने खींचा सबका ध्यान

अप्रैल महीने में खाटू श्याम मंदिर में जिस तरह VIP आगमन लगातार बढ़ा है, उसने आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ राजनीतिक गलियारों का भी ध्यान खींचा है। ऐसा माना जा रहा है कि यह मंदिर अब केवल धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि सियासी प्रतीकों का भी केंद्र बनता जा रहा है।

इससे पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, और क्रिकेटर हरभजन सिंह समेत कई नामी हस्तियां यहां दर्शन कर चुकी हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के कोच गौतम गंभीर भी बाबा के दरबार में शीश नवाने पहुंचे थे।

आस्था के साथ सियासी संदेश भी

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी माहौल के बीच इस तरह के धार्मिक दौरे सिर्फ श्रद्धा तक सीमित नहीं रहते, बल्कि इनके पीछे एक सियासी संदेश भी छिपा होता है। खाटू श्याम बाबा को “हारे का सहारा” माना जाता है, ऐसे में नेता यहां आकर न केवल आशीर्वाद लेते हैं बल्कि जनता के बीच अपनी धार्मिक छवि भी मजबूत करते हैं।

ब्रजेश पाठक ने दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में पश्चिम बंगाल चुनावों को लेकर भी बयान दिया, जिसमें उन्होंने भाजपा की जीत का दावा किया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि धार्मिक यात्राएं अब राजनीतिक संवाद का भी माध्यम बनती जा रही हैं।

भक्तों में बढ़ा विश्वास

लगातार VIP आगमन के चलते आम श्रद्धालुओं के बीच यह धारणा और मजबूत हो रही है कि “जो भी बाबा के दरबार आता है, खाली हाथ नहीं लौटता।” मंदिर परिसर में इन दिनों भारी भीड़ देखी जा रही है और दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं।

मंदिर प्रशासन ने भी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और मजबूत किया है। श्रद्धालुओं के लिए दर्शन व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया गया है ताकि किसी को असुविधा न हो।

अप्रैल बना खास महीना

अप्रैल 2026 में खाटू श्याम मंदिर में VIP दर्शन का जो सिलसिला शुरू हुआ है, वह लगातार जारी है। यह न केवल मंदिर की लोकप्रियता को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि धार्मिक स्थलों का महत्व अब सामाजिक और राजनीतिक दोनों स्तरों पर बढ़ता जा रहा है।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“यमुना में डुबकी लगा सकते हैं?” ममता बनर्जी का पीएम मोदी पर तीखा तंज, गंगा-यमुना पर सियासत तेज

बिहार में ‘योगी मॉडल’ की एंट्री! CM सम्राट चौधरी का अल्टीमेटम—“सरकारी जमीन पर बना कोई भी घर नहीं बचेगा”