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6 महीने के बेटे की मां की संदिग्ध मौत! डेढ़ साल पहले हुई थी शादी, चाचा का आरोप- स्कॉर्पियो नहीं मिली तो कर दी हत्या

उत्तर प्रदेश: की राजधानी लखनऊ के सआदतगंज इलाके में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका के मायके पक्ष ने इसे आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित दहेज हत्या बताया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

मृतका की पहचान 23 वर्षीय मानसी राजपूत के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब डेढ़ साल पहले सागर राजपूत से हुई थी। मानसी का छह महीने का एक बेटा भी है। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष अतिरिक्त दहेज की मांग कर रहा था और स्कॉर्पियो गाड़ी तथा मकान दिलाने का दबाव बनाया जा रहा था।

शादी में दिया था लाखों का दहेज

मृतका के चाचा सुनील कुमार वर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 दिसंबर 2024 को मानसी की शादी पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ की गई थी। परिवार ने अपनी क्षमता के अनुसार करीब सात लाख रुपये नकद, तिलक और घरेलू सामान दिया था।

इसके बावजूद पति सागर, ससुर राजेश, ननदें बरखा और चांदनी, ननदोई अनु तथा बुआ सास आशा लगातार अतिरिक्त दहेज की मांग करते रहे। आरोप है कि स्कॉर्पियो गाड़ी न मिलने पर मानसी को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।

कई बार परिवार को बताई थी प्रताड़ना की कहानी

मायके वालों का कहना है कि मानसी कई बार फोन पर ससुराल में हो रही प्रताड़ना की जानकारी देती थी। परिवार के सदस्य कई बार लखनऊ आकर दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश भी कर चुके थे।

परिजनों का कहना है कि हर बार मानसी को समझाया जाता था कि नई शादी है, समय के साथ सब ठीक हो जाएगा, लेकिन हालात लगातार खराब होते गए।

वीडियो कॉल पर दिखाई थी टूटे सामान की तस्वीर

मृतका के चाचा अविनाश राजपूत ने बताया कि करीब एक साल पहले रात दो बजे मानसी ने वीडियो कॉल की थी। कॉल के दौरान उसने घर में टूटे पड़े सामान और अपने साथ हुई मारपीट की जानकारी दी थी।

अविनाश के मुताबिक जब उन्होंने सागर से इस बारे में बात की तो उसने घटना से इनकार कर दिया और मानसी को ही गलत ठहराते हुए फोन काट दिया।

परिजनों का आरोप है कि इसके बाद स्कॉर्पियो गाड़ी की मांग और तेज हो गई। वहीं ससुर द्वारा लखनऊ में मकान दिलाने का दबाव भी बनाया जा रहा था।

चार दिनों से परिवार से नहीं हो पा रही थी बात

परिवार का दावा है कि घटना से पहले पिछले चार दिनों से मानसी से ठीक से बातचीत नहीं हो पा रही थी। जब भी फोन किया जाता, वह केवल इतना कहती कि खाना बना रही है या व्यस्त है।

परिजनों को शक है कि उस दौरान भी उस पर निगरानी रखी जा रही थी। शनिवार शाम अचानक सूचना मिली कि मानसी ने फांसी लगा ली है।

हत्या कर आत्महत्या दिखाने का आरोप

मायके पक्ष का आरोप है कि मानसी की हत्या करने के बाद शव को फंदे से लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या का लगे।

चाचा अविनाश का कहना है कि घटनास्थल की तस्वीरों में मृतका के पैर जमीन को छू रहे थे, जिससे उन्हें संदेह है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।

उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए।

पुलिस कर रही मामले की जांच

मामले में सआदतगंज पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर बड़ी संख्या में परिजन और रिश्तेदार मौजूद रहे। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहा है।

सोशल मीडिया पर भी चर्चा में मामला

मानसी और उसके पति सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते थे। सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो और तस्वीरों में दोनों के बीच सामान्य संबंध दिखाई देते हैं। हालांकि परिजनों का कहना है कि कैमरे के पीछे की सच्चाई बिल्कुल अलग थी और मानसी लगातार प्रताड़ना झेल रही थी।

लखनऊ की इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के गंभीर मुद्दे को सामने ला दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार है। सच्चाई सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह आत्महत्या थी या दहेज हत्या का मामला। परिवार को न्याय दिलाने की मांग लगातार तेज हो रही है।

News Desk

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