Asian Games 2026: एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक एशियन गेम्स 2026 का इंतजार अब खत्म हो गया है। जापान के Aichi-Nagoya क्षेत्र में 20वें एशियाई खेलों का आधिकारिक आगाज आज यानी 19 सितंबर 2026 से हो रहा है। प्रतियोगिता 4 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। भारत इस बार 500 से ज्यादा खिलाड़ियों के बड़े दल के साथ मैदान में उतरेगा और अलग-अलग खेलों में अपनी चुनौती पेश करेगा।
19 सितंबर को होगी ओपनिंग सेरेमनी
एशियन गेम्स की उद्घाटन समारोह जापान के नागोया स्थित Paloma Mizuho Stadium में आयोजित किया जाएगा। भारतीय समयानुसार समारोह दोपहर करीब 2:30 बजे से 4:30 बजे के बीच होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, कुछ खेलों की शुरुआती प्रतियोगिताएं आधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुकी हैं।
इस बार भारत की ओर से ओपनिंग सेरेमनी में मनु भाकर और तजिंदरपाल सिंह तूर तिरंगा लेकर चलेंगे। दोनों खिलाड़ियों का चयन भारतीय दल के ध्वजवाहक के तौर पर किया गया है। मनु भाकर शूटिंग में भारत की प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं, जबकि तजिंदरपाल सिंह तूर पुरुषों के शॉटपुट में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
500 से ज्यादा भारतीय खिलाड़ी दिखाएंगे दम
एशियन गेम्स में भारत का दल इस बार काफी बड़ा है। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार 500 से अधिक भारतीय खिलाड़ी 37 खेलों में हिस्सा लेने वाले हैं। भारतीय दल में शूटिंग, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, कुश्ती, वेटलिफ्टिंग, हॉकी, क्रिकेट, कबड्डी समेत कई खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं।
भारतीय दल को लेकर जारी आंकड़ों में समय के साथ बदलाव भी हुआ है। इंडियन एक्सप्रेस की 17 सितंबर की रिपोर्ट के मुताबिक खेल मंत्रालय से स्वीकृत भारतीय दल 503 खिलाड़ियों तक पहुंचा था, जिसमें 269 पुरुष और 234 महिला खिलाड़ी शामिल थे। इस दल के साथ 265 सदस्यीय सपोर्ट स्टाफ भी है।
मनु भाकर पर भी रहेंगी निगाहें
पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतने वाली मनु भाकर इस बार एशियन गेम्स में शूटिंग स्पर्धाओं में उतरेंगी। वह महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हिस्सा लेंगी। पेरिस में दो पदक जीतकर उन्होंने स्वतंत्र भारत के एक ही ओलंपिक संस्करण में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड बनाया था।

तजिंदरपाल तूर की नजर तीसरे लगातार गोल्ड पर
एथलेटिक्स में तजिंदरपाल सिंह तूर भारत के प्रमुख नामों में हैं। वह 2018 जकार्ता और 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में पुरुषों के शॉटपुट में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। अब उनकी नजर लगातार तीसरे एशियन गेम्स गोल्ड पर है। हांगझोउ में उन्होंने 20.36 मीटर का थ्रो किया था। इस बार भी शॉटपुट स्पर्धा में उनका प्रदर्शन चर्चा में रहेगा।
इन स्टार खिलाड़ियों पर भी रहेंगी नजरें
भारत की ओर से पीवी सिंधु बैडमिंटन में, मीराबाई चानू वेटलिफ्टिंग में, लवलीना बोरगोहेन बॉक्सिंग में और अमन सहरावत कुश्ती में भारतीय चुनौती को आगे बढ़ाएंगे। एथलेटिक्स में 70 से ज्यादा भारतीय ट्रैक एंड फील्ड एथलीटों के हिस्सा लेने की जानकारी सामने आई है। इनमें गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर, मुरली श्रीशंकर, ज्योति याराजी और पारुल चौधरी जैसे नाम शामिल हैं।
वहीं, क्रिकेट में भारत पुरुष और महिला दोनों वर्गों में पिछली एशियन गेम्स की चैंपियन टीम है। कबड्डी में भी भारत पिछली बार खिताब जीत चुका है, जबकि पुरुष हॉकी टीम भी मौजूदा चैंपियन के तौर पर जापान पहुंची है। क्रिकेट में पुरुष टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर और महिला टीम की कमान हरमनप्रीत कौर के हाथों में है।
पिछली बार भारत ने जीते थे 107 पदक
2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में भारत ने अपना अब तक का रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 107 पदक जीते थे। इनमें 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 41 ब्रॉन्ज शामिल थे। भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा था। अब Aichi-Nagoya Games में भारतीय खिलाड़ी इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने के लिए अलग-अलग स्पर्धाओं में उतरेंगे।
इस बार एशियन गेम्स में 45 देश और क्षेत्र हिस्सा ले रहे हैं और कुल 43 खेलों में 469 मेडल इवेंट आयोजित किए जाएंगे। जापान तीसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले टोक्यो ने 1958 और हिरोशिमा ने 1994 में इन खेलों की मेजबानी की थी।
भारत के लिए आज का दिन क्यों खास?
19 सितंबर सिर्फ उद्घाटन समारोह का दिन नहीं है। कई खेलों की प्रतियोगिताएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और भारत की महिला क्रिकेट टीम जापान को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है। वहीं, टेबल पर भारत की नजर शूटिंग, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी और अन्य खेलों में मजबूत प्रदर्शन पर रहेगी।
एशियन गेम्स का यह संस्करण भारतीय खेल प्रशंसकों के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि एक ओर अनुभवी ओलंपिक पदक विजेता मैदान में हैं, तो दूसरी ओर कई युवा खिलाड़ी पहली बार बड़े एशियाई मंच पर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करेंगे। मुकाबले जैसे-जैसे आगे बढ़ेंगे, अलग-अलग खेलों में पदक की तस्वीर भी साफ होती जाएगी।

