लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) कार्यालय में मंगलवार को आयोजित नागरिक सुविधा दिवस के दौरान फरियादियों की भीड़ उमड़ पड़ी। वर्षों से लंबित भूमि विवाद, अवैध कब्जा और प्लाट आवंटन जैसे मामलों में न्याय की आस लगाए लोग अधिकारियों से गुहार लगाने पहुंचे।
इनमें सबसे भावुक मामला 21 साल से प्लाट पर कब्जा न मिलने का रहा। फरियादी बुजुर्ग ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें LDA द्वारा आवंटित प्लाट पर पिछले दो दशकों से कब्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि भू-माफिया ने मौके पर झुग्गी-झोपड़ियाँ बसा दी हैं और अब वह कानून-व्यवस्था का मखौल उड़ाते हुए कब्जा जमाए बैठे हैं।
कमिश्नर रोशन जैकब, नगर आयुक्त गौरव कुमार और LDA सचिव विवेक श्रीवास्तव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
भू-माफिया की सक्रियता पर चिंता
नागरिक सुविधा दिवस में आए अधिकांश फरियादी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इससे स्पष्ट है कि भू-माफिया की सक्रियता शहर में लगातार बढ़ती जा रही है। आम लोग वर्षों तक EMI भरने के बावजूद अपने हक के प्लाट तक नहीं पहुंच पा रहे हैं।
अधिकारियों ने क्या कहा?
LDA सचिव विवेक श्रीवास्तव ने भरोसा दिलाया कि “हर वैध शिकायत की जांच की जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कानूनी कार्यवाही होगी।”
नागरिकों की उम्मीदें
शहर के कई इलाकों से आए नागरिकों ने उम्मीद जताई कि इस तरह के सुविधा दिवस अगर नियमित और निष्पक्ष रूप से आयोजित किए जाएं तो आम आदमी की आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंच सकती है।
???? निष्कर्ष:
21 वर्षों से न्याय के लिए भटक रहे एक नागरिक की आवाज ने LDA की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। भू-माफिया की ताकत और प्रशासन की सुस्ती के बीच आम जनता कैसे अपने हक की जमीन तक पहुंचेगी, यह सबसे बड़ा सवाल है।


