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कर्तव्य भवन: पीएम मोदी ने किया सीसीएस के पहले भवन का उद्घाटन, सभी मंत्रालयों को मिलेगा नया आधुनिक ठिकाना

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बन रहा है नया सचिवालय परिसर, 2031 तक होंगे सभी मंत्रालय शिफ्ट

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दोपहर 12:15 बजे कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन कर सेंट्रल विस्टा परियोजना के एक अहम चरण की शुरुआत कर दी है। यह भवन केंद्र सरकार के मंत्रालयों और विभागों को एकीकृत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस मौके पर पीएम मोदी शाम 6 बजे कर्तव्य पथ पर एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे


????️ क्या है कर्तव्य भवन?

कर्तव्य भवन, पहले जिसे कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट (CCS) कहा गया था, सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बनाए जा रहे उन 10 बहुमंजिला भवनों का हिस्सा है जिनमें सभी केंद्रीय मंत्रालय और विभाग स्थानांतरित किए जाएंगे। इससे पुरानी, जर्जर और बिखरी हुई सरकारी इमारतों से छुटकारा मिलेगा।

कर्तव्य भवन-3 में होंगे ये मंत्रालय:

  • गृह मंत्रालय

  • विदेश मंत्रालय

  • ग्रामीण विकास मंत्रालय

  • एमएसएमई मंत्रालय

  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय

  • कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग

  • प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय


???? भवन की विशेषताएं: आधुनिकता और पर्यावरण के बीच संतुलन

इस 1.5 लाख वर्ग मीटर क्षेत्र में फैले भवन में तकनीक, सुरक्षा, पर्यावरण और उपयोगिता का अनोखा संगम है।
संरचना विवरण:

  • कुल तल: 10 (2 बेसमेंट + ग्राउंड + 7 मंजिलें)

  • बैठक व्यवस्था: वर्क हॉल, केबिन, 24 मुख्य और 26 छोटे कॉन्फ्रेंस हॉल

  • 67 मीटिंग रूम, हर एक में 9 व्यक्तियों की क्षमता

  • पार्किंग: 600 कारों की

  • सुविधाएं: योगा सेंटर, क्रेच, मेडिकल रूम, कैफे, मल्टीपरपज हॉल

  • सुरक्षा: कमांड सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, स्मार्ट एंट्री सिस्टम

  • पर्यावरणीय सुविधाएं: सौर पैनल, ई-वाहन चार्जिंग, जल पुनः उपयोग प्रणाली, ठोस कचरा प्रबंधन

  • ऊर्जा बचत: 30% तक कम बिजली खपत, एलईडी लाइट्स, स्मार्ट लिफ्ट और सेंसर तकनीक


????️ कर्तव्य पथ से जुड़े सभी मंत्रालय, मेट्रो कनेक्टिविटी भी प्रस्तावित

इन भवनों को इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए नई मेट्रो लाइन प्रस्तावित की गई है ताकि सुगम आवागमन हो सके।


????️ पुराने भवन होंगे इतिहास: नॉर्थ-साउथ ब्लॉक बनेगा ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’

अब तक मंत्रालयों का संचालन जिन भवनों से होता रहा — शास्त्री भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन, उद्योग भवन आदि — वे 1950-70 के दशक के बीच बने थे और अब जर्जर और महंगे हो चुके हैं

इनके स्थान पर मंत्रालय कर्तव्य भवनों में शिफ्ट होंगे, और नॉर्थ-साउथ ब्लॉक को पूरी तरह खाली कर वहां भारत के इतिहास, संस्कृति और विरासत को दर्शाने वाला संग्रहालय बनाया जाएगा। यह संग्रहालय महाभारत काल से लेकर आधुनिक भारत तक की झलक देगा।


????️ परियोजना का भविष्य: 2031 तक पूरा होगा सेंट्रल विस्टा विजन

  • कर्तव्य भवन-1 और 2 अगले महीने तक बनकर तैयार हो जाएंगे

  • शेष 7 भवन अप्रैल 2027 तक पूर्ण कर लिए जाएंगे

  • नया पीएम आवास और कार्यालय भी इसी योजना का हिस्सा है

  • पूरा सेंट्रल विस्टा कॉरिडोर दिसंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य है


???? कर्तव्य भवन-3 : एक नजर में

सुविधा विवरण
कुल क्षेत्रफल 1.50 लाख वर्ग मीटर
तलों की संख्या 10 (2 बेसमेंट + ग्राउंड + 7 मंजिलें)
कॉन्फ्रेंस हॉल 24 मुख्य (45 सीटें), 26 छोटे (25 सीटें)
मीटिंग रूम/वर्क हॉल 67 (प्रत्येक में 9 लोगों की क्षमता)
पार्किंग 600 कारों के लिए
स्मार्ट सुविधाएं सौर पैनल, EV चार्जिंग, अपशिष्ट जल पुन: उपयोग
भवन निगरानी CCTV कमांड सेंटर द्वारा

???? निष्कर्ष:

कर्तव्य भवन सिर्फ एक इमारत नहीं, आधुनिक भारत की कार्य संस्कृति का प्रतीक है। यह प्रधानमंत्री मोदी के नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक दृष्टिकोण का मूर्त रूप है, जो कार्यक्षमता, पारदर्शिता और नवाचार को बढ़ावा देता है। साथ ही यह सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा का बेहतरीन उदाहरण भी है।

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