बिहार: की राजनीति और लालू परिवार में इन दिनों बड़ा तूफ़ान खड़ा हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में टकराव खुलेआम सामने आ गया है। शनिवार को राजनीति और अपने परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान करने वाली रोहिणी आचार्य ने रविवार सुबह फेसबुक और X पर दो बड़े पोस्ट कर दिए, जिनमें उन्होंने गाली-गलौज, अपमान और मारपीट तक के गंभीर आरोप लगाए।
इस विवाद के बीच राबड़ी आवास खाली हो चुका है।
रोहिणी के जाने के बाद लालू-राबड़ी की तीन और बेटियां—रागिनी, राजलक्ष्मी और चंदा यादव—भी अपने परिवारों और बच्चों के साथ दिल्ली रवाना हो गईं। पटना स्थित राबड़ी आवास में अब कोई बेटी मौजूद नहीं है।
‘मुझसे मायका छुड़वाया गया, अनाथ बना दिया गया’
रविवार सुबह रोहिणी ने एक भावुक पोस्ट किया:
“मुझसे मेरा मायका छुड़वाया गया। मुझे अनाथ बना दिया गया। मैंने रोते-रोते घर छोड़ा है। मुझे मारने के लिए चप्पल उठाई गई।”
उन्होंने आगे लिखा:
“मैंने अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। आप सब मेरे रास्ते कभी न चलें, किसी घर में मेरे जैसी बेटी-बहन न हो।”
पोस्ट के तुरंत बाद रोहिणी ने लालू को किडनी दान करते समय के फोटो और वीडियो अपने फेसबुक प्रोफाइल पर पिन कर दिए।
‘पिता को किडनी देने को गंदा बताया गया’ — बड़ा आरोप
दूसरे पोस्ट में रोहिणी ने परिवार के कुछ लोगों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए:
“मुझे कहा गया कि मैं गंदी हूं और मैंने अपने पिता को अपनी गंदी किडनी लगवा दी। करोड़ों रुपये लिए, टिकट लिया तब लगवाई गंदी किडनी।”
उन्होंने शादीशुदा बहनों-बेटियों को चेतावनी दी कि—
“अपने मायके में बेटा-भाई हों तो पिता को बचाने की गलती बिल्कुल न करें। भाई या उसके हरियाणवी दोस्त से किडनी दिलवा दें।”
रोहिणी ने लिखा कि उन्होंने अपने पति, बच्चों और ससुराल से अनुमति लिए बिना अपने पिता को किडनी दी थी, जिसे अब “गुनाह” बताया जा रहा है।
रोते-रोते राबड़ी आवास छोड़ना
शनिवार देर रात रोहिणी ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था।
पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने कहा—
“मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी, चप्पल से मारा जाएगा।”
उन्होंने दावा किया कि RJD की करारी हार पर सवाल उठाना उनकी “सबसे बड़ी गलती” बन गया।
तेजस्वी के करीबी संजय यादव और रमीज पर आरोप
रोहिणी ने साफ तौर पर कहा कि:
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तेजस्वी यादव के सलाहकार संजय यादव
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और उनके करीबी रमीज
ने उन पर दबाव बनाया कि वे राजनीति और परिवार दोनों छोड़ दें।
यह वही दो नाम हैं जिन पर पहले लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी आरोप लगा चुके हैं। तेज प्रताप कई दिनों से “जयचंद” कहकर संजय यादव पर हमला करते रहे हैं।
कौन हैं संजय यादव और रमीज?
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संजय यादव: हरियाणा मूल के, तेजस्वी के सबसे भरोसेमंद सलाहकार, अभी RJD के राज्यसभा सांसद।
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रमीज: यूपी के बलरामपुर से, पूर्व सांसद रिजवान जहीर के दामाद, उनकी पत्नी भी चुनाव लड़ चुकी। कई गंभीर मुकदमों में नाम।
रोहिणी का आरोप है कि ये दोनों लालू परिवार और पार्टी के फैसले तय करते हैं, जिससे घर में नाराजगी बढ़ी।
पार्टी में पहले भी शुरू हुआ था विवाद—फ्रंट सीट वाला मामला
18 सितंबर को रोहिणी ने एक पोस्ट शेयर किया था जिसमें दिखाया गया था कि तेजस्वी की यात्रा के दौरान बस की फ्रंट सीट पर संजय यादव बैठे थे।
पोस्ट वायरल हुआ और परिवार में खटपट की शुरुआत का संकेत माना गया।
अगले ही दिन रोहिणी ने लालू-राबड़ी सहित पूरे परिवार और पार्टी को सोशल मीडिया से अनफॉलो कर दिया था।
तेज प्रताप का हमला—‘जयचंदों ने RJD को खोखला किया’
चुनाव परिणामों में RJD केवल 25 सीटों पर सिमट गई।
तेज प्रताप बड़ी हार झेल चुके हैं।
उन्होंने परिणाम आते ही लिखा था—
“जयचंदों ने राजद को खोखला कर दिया।”
इशारा फिर संजय यादव की ओर ही माना गया।


