नई दिल्ली: दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 पर शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक ऑफ-ड्यूटी पायलट ने यात्री के साथ मारपीट कर दी। इस मामले के सामने आते ही नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जांच के आदेश दिए हैं, जबकि संबंधित एयरलाइन एअर इंडिया एक्सप्रेस ने पायलट कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल को सस्पेंड कर दिया है।
पीड़ित यात्री अंकित दीवान ने सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ी तस्वीरें और अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने अपने खून से सने चेहरे और आरोपी पायलट के कपड़ों की तस्वीरें पोस्ट कीं, जिससे मामला सार्वजनिक हो गया।
क्या है पूरा मामला
अंकित दीवान के अनुसार, वह अपने परिवार के साथ यात्रा कर रहे थे। उनके साथ 4 महीने का बच्चा स्ट्रोलर में था, जिसके चलते एयरपोर्ट स्टाफ ने उन्हें स्टाफ सिक्योरिटी एंट्री से गुजरने को कहा। इसी दौरान स्टाफ और कुछ अन्य लोग लाइन तोड़कर आगे निकल रहे थे।
जब अंकित ने इसका विरोध किया, तो वहां मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलट कैप्टन वीरेंद्र सेजवाल ने कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पायलट ने आपा खोते हुए अंकित के साथ मारपीट की, जिससे उनके चेहरे से खून निकल आया।
मामला दबाने का आरोप
पीड़ित ने दावा किया कि घटना के बाद उन पर मामला खत्म करने का दबाव बनाया गया। उनसे जबरदस्ती एक लेटर लिखवाया गया कि वह इस मामले को आगे नहीं बढ़ाएंगे।
अंकित के मुताबिक, अगर वह लेटर नहीं लिखते तो उन्हें फ्लाइट छोड़नी पड़ती और करीब 1.2 लाख रुपए की ट्रैवल बुकिंग बर्बाद हो जाती।
बेटी सदमे में, परिवार परेशान
अंकित ने बताया कि उनकी 7 साल की बेटी ने अपने पिता को पिटते और खून से लथपथ देखा, जिसके बाद से वह मानसिक सदमे में है। उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें बेटी के रोने की आवाज सुनी जा सकती है।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना के बाद उनकी पत्नी लगातार फर्स्ट एड की मांग करती रही, लेकिन करीब 45 मिनट बाद जाकर सही मेडिकल सहायता मिली।
एयरलाइन की प्रतिक्रिया
एअर इंडिया एक्सप्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि:
-
आरोपी पायलट उस समय ड्यूटी पर नहीं था
-
उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है
-
जांच पूरी होने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी
एयरलाइन ने पीड़ित से माफी मांगते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है।
दिल्ली पुलिस का बयान
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। मामला सोशल मीडिया के जरिए सामने आया है।
पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई यह घटना यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन कर्मचारियों के आचरण पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक पायलट द्वारा सार्वजनिक स्थान पर हिंसा और मामले को दबाने के आरोप न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि विमानन सुरक्षा के लिए भी चिंताजनक हैं। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।


