बेगूसराय। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। यह बयान उन्होंने टीएमसी सांसद सौगत रॉय की उस टिप्पणी के जवाब में दिया, जिसमें कहा गया था कि ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल से ज्यादा बांग्लादेश में पसंद किया जाता है।
इस पर पलटवार करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा,
“अगर ममता बनर्जी को बांग्लादेश में ज्यादा पसंद किया जाता है, तो वे बांग्लादेश जाकर वहीं की प्रधानमंत्री बन जाएं। अपने साथ बांग्लादेशी घुसपैठियों को भी ले जाएं। बंगाल को बांग्लादेश नहीं बनने देंगे।”
रोहिंग्या और घुसपैठ को लेकर गंभीर आरोप
गिरिराज सिंह ने ममता बनर्जी पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे उनके लिए “रेड कार्पेट बिछाती हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं।
उन्होंने कहा,
“मैं शुरू से कहता आया हूं कि ममता बनर्जी रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठियों का समर्थन करती हैं। अगर वे बांग्लादेश में ज्यादा लोकप्रिय हैं, तो बंगाल को बख्श दें।”
सौगत रॉय के बयान पर सियासी घमासान
टीएमसी सांसद सौगत रॉय के बयान के बाद सियासी हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने इस बयान को पश्चिम बंगाल की सुरक्षा और पहचान से जोड़ते हुए कड़ा विरोध जताया है।
दिग्विजय सिंह पर भी साधा निशाना
गिरिराज सिंह ने इस दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर भी निशाना साधा। दिग्विजय सिंह द्वारा बीजेपी और RSS की संगठनात्मक क्षमता की तारीफ किए जाने पर गिरिराज सिंह ने कहा,
“दिग्विजय सिंह के सर्टिफिकेट की हमें जरूरत नहीं है। बीजेपी कार्यकर्ताओं और राष्ट्रभक्तों की पार्टी है, जबकि कांग्रेस परिवारवाद की पार्टी है।”
उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि वह पार्टी नेहरू-इंदिरा परिवार के इर्द-गिर्द घूमती रही है और जमीनी कार्यकर्ताओं से उसका कोई जुड़ाव नहीं है।
राजनीति में बयानबाजी तेज
इस बयान के बाद बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। पश्चिम बंगाल में घुसपैठ, सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे मुद्दों को लेकर सियासी माहौल लगातार गर्म बना हुआ है।
गिरिराज सिंह के तीखे बयान ने पश्चिम बंगाल और केंद्र की राजनीति में नया सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। घुसपैठ और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बयानबाजी के बीच आने वाले दिनों में बीजेपी और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


