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IFR Milan 2026: विशाखापत्तनम में गरजेंगे मिग-29के और तेजस, राष्ट्रपति लेंगी 71 जहाजों की सलामी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी अंतरराष्ट्रीय बेड़े का निरीक्षण; 50 से अधिक लड़ाकू विमान देंगे सलामी

IFR Milan 2026: समुद्र में दिखेगी भारत की ताकत

IFR Milan 2026 के तहत विशाखापत्तनम का समुद्री तट आज ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेगा। भारतीय नौसेना द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अंतरराष्ट्रीय बेड़े की सलामी लेंगी और दुनिया को भारत की बढ़ती नौसैनिक शक्ति का संदेश देंगी।

‘सिटी ऑफ डेस्टिनी’ कहे जाने वाले विशाखापत्तनम में यह आयोजन समुद्री कूटनीति और सैन्य क्षमता का संयुक्त प्रदर्शन है।


71 जहाज, पनडुब्बियां और 50 से ज्यादा विमान

राष्ट्रपति मुर्मू सुबह बंगाल की खाड़ी में स्वदेशी युद्धपोत आईएनएस सुमेधा पर सवार होकर समुद्र के बीच खड़े अंतरराष्ट्रीय बेड़े का निरीक्षण करेंगी।

इस फ्लीट रिव्यू में भारतीय नौसेना के साथ मित्र देशों के कुल 71 युद्धपोत और पनडुब्बियां शामिल होंगी। कार्यक्रम के दौरान 50 से अधिक लड़ाकू विमान और हेलिकॉप्टर फ्लाई-पास्ट कर राष्ट्रपति को सलामी देंगे।

आकाश में मिग-29के, एलसीए तेजस, पी-8आई और सी-किंग हेलिकॉप्टरों की गड़गड़ाहट सुनाई देगी।


मार्कोस कमांडो का विशेष प्रदर्शन

दुनिया के सबसे घातक समुद्री कमांडो माने जाने वाले नौसेना के MARCOS समुद्र के बीच विशेष युद्ध कौशल का प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन भारत की विशेष ऑपरेशन क्षमता को दर्शाएगा।


समुद्री कूटनीति का बड़ा मंच

यह आयोजन केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारत की समुद्री कूटनीति का भी अहम मंच है। प्रधानमंत्री के ‘महासागर विजन’ के तहत भारत खुद को हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा प्रदाता के रूप में स्थापित कर रहा है।

IFR के साथ ही ‘मिलन’ युद्धाभ्यास और हिंद महासागर नौसेना संगोष्ठी जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।


75 देशों की भागीदारी

इस आयोजन में 75 देशों और 65 नौसेनाओं की भागीदारी भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाती है। भारत अपनी नौसैनिक ताकत के जरिए विकासशील देशों की आवाज को मजबूती दे रहा है और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सामरिक बढ़त हासिल कर रहा है।

भारतीय नौसेना अब केवल सैन्य बल नहीं, बल्कि वैश्विक समुद्री व्यवस्था को आकार देने वाली कूटनीतिक शक्ति के रूप में उभर रही है।

IFR Milan 2026 भारत की नौसैनिक क्षमता, समुद्री कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भव्य प्रदर्शन है। 71 जहाजों, पनडुब्बियों और 50 से अधिक विमानों की सलामी के साथ यह आयोजन भारत की सामरिक ताकत का स्पष्ट संदेश देता है।

विशाखापत्तनम में हो रहा यह ऐतिहासिक फ्लीट रिव्यू आने वाले समय में भारत की समुद्री भूमिका को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।

News Desk

Written by News Desk

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