माले | मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साले और सलफी विचारधारा से जुड़े शेख अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें ‘आतंकी’ कहा। उन्होंने बाबरी मस्जिद ढहाने और इस्लाम विरोधी कार्यों में शामिल होने का भी आरोप लगाया। यह बयान उस वक्त सामने आया जब प्रधानमंत्री मोदी का मालदीव दौरा प्रस्तावित है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट, फिर डिलीट
शेख अब्दुल्लाह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट करते हुए लिखा:
“मोदी एक आतंकवादी हैं, जिन्होंने बाबरी मस्जिद तोड़ी और इस्लाम के दुश्मन हैं।”
यह पोस्ट कुछ ही घंटों में वायरल हो गई, जिसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। बाद में उन्होंने यह पोस्ट डिलीट कर दी, लेकिन तब तक इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर फैल चुके थे।
कौन हैं शेख अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद इब्राहिम?
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राष्ट्रपति मुइज्जू के साले
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मालदीव के कट्टरपंथी संगठन सलफी जमीयत के प्रमुख
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पहले भी भारत-विरोधी बयान दे चुके हैं
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इस्लामिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे हैं
भारत की प्रतिक्रिया का इंतजार
भारत सरकार की ओर से इस विवादित बयान पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि “इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयान भारत-मालदीव के बीच द्विपक्षीय संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।”
मालदीव की राजनीति में भारत विरोध का नया चेहरा?
राष्ट्रपति मुइज्जू पहले भी ‘इंडिया आउट’ अभियान को समर्थन देते रहे हैं। 2023 में सत्ता में आने के बाद से ही उनकी सरकार ने कई भारत समर्थक परियोजनाओं की समीक्षा की थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान राष्ट्रपति के निजी परिवारिक सदस्य का हो सकता है, लेकिन इसका प्रतीकात्मक असर गहरा हो सकता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित मालदीव दौरे से पहले इस तरह का बयान न केवल राजनयिक दृष्टिकोण से असंवेदनशील है, बल्कि द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान भी पहुंचा सकता है। आने वाले दिनों में भारत सरकार की प्रतिक्रिया और मालदीव की स्थिति स्पष्ट करेगी कि इस बयान को सिर्फ ‘व्यक्तिगत विचार’ माना जाए या गहरे राजनीतिक संकेत समझा जाए।


