लखनऊ | राजनीतिक और धार्मिक विवादों के बीच लखनऊ में आज एक बड़ी घटना देखने को मिली। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता स्वामी प्रसाद मौर्य के आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए गंगाजल से शुद्धिकरण करने पहुंचे। लेकिन पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सभी को हिरासत में लेकर इको गार्डन धरना स्थल भिजवा दिया।
क्या था मामला?
स्वामी प्रसाद मौर्य के हालिया बयानों से नाराज हिंदू संगठनों ने उनके घर के बाहर पहुंचकर शुद्धिकरण अनुष्ठान की तैयारी की थी। कार्यकर्ताओं का कहना था कि मौर्य के कथित तौर पर “हिंदू आस्था विरोधी” बयानों से घर अपवित्र हो गया है, इसलिए उसे गंगाजल से पवित्र किया जाना चाहिए।
पुलिस ने रोका, मची हलचल
कार्यकर्ता जैसे ही मौर्य के घर के पास पहुंचे, पुलिस ने उन्हें घेराबंदी करके रोक लिया। गंगाजल और पूजा सामग्री लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं को नारेबाजी और उग्र विरोध के बाद हिरासत में लिया गया और इको गार्डन ले जाया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक:
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प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली गई थी
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शांति भंग होने की आशंका पर कार्रवाई की गई
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सभी प्रदर्शनकारियों को कुछ घंटों बाद छोड़ दिया गया
मौर्य की तीखी प्रतिक्रिया
स्वामी प्रसाद मौर्य ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“जो लोग खुद मानसिक रूप से अशुद्ध हैं, वे किसी को क्या शुद्ध करेंगे? ये सब नाटक हैं। मैं डरने वालों में से नहीं हूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और आस्था की आड़ में नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
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सपा समर्थकों ने इसे मौर्य के खिलाफ साजिश बताया
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बीजेपी नेताओं ने कहा कि मौर्य बार-बार हिंदू भावनाओं का अपमान कर रहे हैं
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कांग्रेस और बसपा ने मामले पर चुप्पी साध रखी है
निष्कर्ष
स्वामी प्रसाद मौर्य लंबे समय से अपने बयानों के कारण विवादों में घिरे रहते हैं। ताजा मामला एक बार फिर से राजनीतिक और धार्मिक टकराव का केंद्र बन गया है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनावों के पहले इस प्रकार की घटनाएं उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजा को किस ओर मोड़ती हैं।


