हिन्दी दिवस : कालीचरण पी0जी0 कालेज के प्रबंधक इं0 वी0के0 मिश्र ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में 14 सितम्बर, 2026 को आयोजित हिन्दी-दिवस के उपलक्ष्य में इन्हीं पंक्तियों से अपने वक्तत्य की शुरूआत की। उन्होंने कहा कि आज विश्व में सर्वत्र हिन्दी भाषा की सामान्य बोल-चाल में उपस्थिति, ज्ञान-विज्ञान, व्यापार चिकित्सा व लोक-जीवन के परस्पर सम्वाद में हिन्दी का निरंतर प्रयुक्त होते जाना हिन्दी को विश्व की नंबर एक भाषा बनाने का प्रबलतम् आधार है।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो0 मंजुला उपाध्याय प्राचार्या, नवयुग कन्या पी0जी0 कालेज, ने कहा कि हिन्दी की सर्व-समाज ग्राह्यता वैश्विक व्यापार में हिन्दी का बढ़ता प्रभाव निश्चित रूप से हिन्दी की वैश्विक स्थिति को सुदृढ़ बनाती है।

प्रेमचन्द ने हिन्दी को बनाया सरल, सहज और सर्वग्राह्य : प्रज्ञा त्रिपाठी
मुख्य वक्ता जिला सेवा योजन अधिकारी प्रज्ञा त्रिपाठी जी ने हिन्दी की लोकप्रियता को बढ़ाने में प्रेमचन्द द्वारा हिन्दी को सरल-सहज और सर्वग्राहयता प्रदान करने वाले प्रयासों की सराहना की और आज के दौर में इसे प्रांसगिक बताया। मंचस्थ अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए प्राचार्य प्रो0 चन्द्रमोहन उपाध्याय ने संगोष्ठी के विषय ‘हिन्दी के वर्तमान स्वरूप में प्रेमचन्द के स्त्री विमर्श’ पर प्रकाश डालते हुए प्रेमचन्द के साहित्य में बेमेल विवाह, विधवा विवाह तथा लड़कियों के बेचने की कुप्रथा को रेखांकित किया। संगोष्ठी का मंच संचालन हिन्दी विभाग के प्रभारी प्रो0 मनोज कुमार पाण्डेय जी ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गण और भारी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।


