निबंध, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिता : नवयुग कन्या महाविद्यालय के राजनीतिशास्त्र विभाग के नवसंसद क्लब द्वारा छात्राओं में राजनीतिक एवं सामाजिक जागरूकता, आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक क्षमता तथा रचनात्मक अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निबंध, पोस्टर एवं भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करते हुए समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।
निबंध प्रतियोगिता का विषय “जेन जी आंदोलन: भारतीय लोकतंत्र के लिए चुनौती या अवसर”। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं की वैचारिक समझ को परखने के साथ राष्ट्र, संविधान एवं लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उत्तरदायित्व-बोध विकसित करना था। प्रतियोगिता में अदिति श्रीवास्तव (सेमेस्टर-3) ने प्रथम, श्वेता कश्यप (सेमेस्टर-3) ने द्वितीय तथा अनन्या साहू (सेमेस्टर-1) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में समाजशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नेहा यादव रहीं।

पोस्टर प्रतियोगिता का विषय “भारतीय राजनीतिक परिदृश्य–2026” रहा। प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने राजनीतिक घटनाओं एवं परिस्थितियों को रंगों, रेखाओं और चित्रों के माध्यम से प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इसका उद्देश्य तथ्यों को रचनात्मक अभिव्यक्ति में बदलने, कम शब्दों में प्रभावी संदेश देने तथा भारतीय लोकतंत्र की जटिलताओं को सरल रूप में समझने की क्षमता विकसित करना था। प्रतियोगिता में अर्पिता शर्मा (सेमेस्टर-5) ने प्रथम, यास्मीन खातून (सेमेस्टर-1) ने द्वितीय तथा आराधना (सेमेस्टर-3) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अदिति श्रीवास्तव (सेमेस्टर-3) एवं रिया गुप्ता (सेमेस्टर-5) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। निर्णायक मंडल में प्रो. शर्मिता नंदी एवं प्रो. विनीता सिंह रहीं।
भाषण प्रतियोगिता का विषय “समसामयिक मुद्दे (Contemporary Issues)” रखा गया। छात्राओं ने विकसित भारत, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, वन नेशन वन इलेकशन, आरक्षण मे सुधार, विभिन्न समसामयिक विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं को देश-दुनिया की वर्तमान घटनाओं से जोड़ना तथा उनमें आलोचनात्मक चिंतन, तार्किक अभिव्यक्ति और संवाद कौशल विकसित करना था। भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान —निहित सिह द्वितीय स्थान — अल्शिफा नूरी तथा तृतीय स्थान — सिंवागी ,शांत्वना पुरस्कार खुशनुमा एव अन्नया को मिला । प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रो. अंबिका वाजपेयी एवं श्रीमती नीलम यादव रहीं।
विद्यार्थियों के लिए पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक ज्ञान भी आवश्यक: प्रो. मंजुला उपाध्याय
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मंजुला उपाध्याय ने छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों के लिए केवल पाठ्यक्रम का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें देश-दुनिया में हो रहे सामाजिक, राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक परिवर्तनों के प्रति भी जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं छात्राओं में जागरूक नागरिकता, तार्किक सोच और आत्मविश्वास विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम का आयोजन राजनीतिशास्त्र विभाग की प्रो. ज्योत्सना गौतम एवं सुश्री दीक्षा द्वारा किया गया। प्रतियोगिताओं में छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम ने छात्राओं को अपने विचारों को स्वतंत्र, तार्किक एवं रचनात्मक रूप से व्यक्त करने के साथ-साथ समसामयिक राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों को समझने का अवसर प्रदान किया।


