कानपुर: देहात में भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। विधायक प्रतिभा शुक्ला ने अकबरपुर से बीजेपी सांसद भोले सिंह पर जमीन कब्जाने और आम नागरिकों को प्रताड़ित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनकी और सांसद की “विचारधाराएं कभी नहीं मिल सकतीं।”
“हम सत्य के साथ हैं, उनके (भोले सिंह) साथ नहीं। वह अनैतिक काम करते हैं और सीधे तौर पर लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं। हम अपने कार्यकर्ताओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे।” – प्रतिभा शुक्ला
पति का भी सरकार पर हमला, बोले- “ब्राह्मणों का नहीं हो रहा सम्मान”
प्रतिभा शुक्ला के पति ने भी सार्वजनिक तौर पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि वर्तमान व्यवस्था में ब्राह्मण समाज को तवज्जो नहीं दी जा रही है।
उन्होंने कहा:
“ब्राह्मण समाज के लोगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। जबकि यही समाज भाजपा के बुनियादी आधारों में शामिल रहा है। अगर सम्मान नहीं मिला, तो हमें सोचने पर मजबूर होना पड़ेगा।“
BJP की अंदरूनी राजनीति में उबाल
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटी है। इस तरह की आंतरिक दरारें न केवल पार्टी की छवि पर असर डाल सकती हैं, बल्कि स्थानीय कार्यकर्ताओं में भ्रम और असंतोष भी पैदा कर सकती हैं।
भोले सिंह ने आरोपों को बताया राजनीति से प्रेरित
हालांकि सांसद भोले सिंह ने इन सभी आरोपों को राजनीति से प्रेरित और निराधार बताया है। उनका कहना है कि—
“कुछ लोग जानबूझकर मुझे बदनाम करने की साजिश कर रहे हैं। मेरी छवि को धूमिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मैं जनता की सेवा में ईमानदारी से लगा हूं।“
निष्कर्ष:
कानपुर देहात में बीजेपी के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच खुला टकराव पार्टी की स्थानीय रणनीति के लिए खतरे की घंटी बन सकता है। एक ओर विधायक और उनके परिवार सरकार पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं, दूसरी ओर सांसद खुद को निर्दोष बता रहे हैं। देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इस स्थिति को कैसे संभालता है।


