लखनऊ: के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में शुक्रवार को एक सियासी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। मौका था उत्तर प्रदेश सरकार के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान के जन्मदिन समारोह का, जिसे उनके समर्थकों ने “संकल्प दिवस” के रूप में मनाया। मंच पर मौजूद थे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, जिन्होंने इस अवसर को समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर निशाना साधने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा:
“अखिलेश यादव बगुला भगत हैं। ऊपर से कुछ और, अंदर से कुछ और। PDA की बात करने वाले खुद परिवारवाद और तुष्टिकरण के सबसे बड़े प्रतीक हैं।“
उन्होंने यह भी कहा कि सपा की नीतियां जनता को गुमराह करने वाली हैं और जनता अब इनके जाल में फंसने वाली नहीं।
ब्रजेश पाठक का दावा – “PDA नहीं, BJP का विकास मॉडल है असली”
यूपी के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी तीखा हमला करते हुए कहा:
“सपा का PDA फॉर्मूला सिर्फ वोट बैंक की राजनीति है, जिसमें पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक केवल चुनावी गिनती के लिए होते हैं।“
“हम इस फर्जी मॉडल की पूरी तरह से धज्जियां उड़ाएंगे और जनता को बताएंगे कि असली विकास क्या होता है।”
उन्होंने दावा किया कि 2027 में भाजपा की सरकार दोबारा पूर्ण बहुमत से लौटेगी और विपक्ष का सारा गणित ध्वस्त हो जाएगा।
दारा सिंह चौहान के जन्मदिन पर दिखी सामाजिक एकजुटता
कार्यक्रम में चौहान समाज के हजारों लोग मौजूद रहे, जिन्होंने इसे सिर्फ जन्मदिन नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक एकजुटता के संकल्प दिवस में बदल दिया।
दारा सिंह चौहान, जो हाल ही में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, अब भाजपा में ओबीसी नेतृत्व का एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं।
उन्होंने मंच से कहा:
“मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ओबीसी समाज की पूरी ताकत से सेवा करूंगा।“
“2027 में यूपी की जनता दोबारा भाजपा को आशीर्वाद देगी।“
राजनीतिक संदेश और भविष्य की तैयारी
इस कार्यक्रम को 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीतिक तैयारी के तौर पर भी देखा जा रहा है। चौहान समाज का भाजपा में समर्थन बनाए रखने और विपक्ष की जातीय गोलबंदी की रणनीति को तोड़ने के लिए यह आयोजन अहम माना जा रहा है।
निष्कर्ष:
केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने दारा सिंह के जन्मदिन को भाजपा की राजनीतिक ताकत के प्रदर्शन का मंच बना दिया। अखिलेश यादव पर ‘बगुला भगत’ तंज और सपा के PDA मॉडल पर सीधा हमला इस बात का संकेत है कि आगामी चुनावों में भाजपा जातीय राजनीति के खिलाफ विकास और समाजिक समरसता के एजेंडे को आगे रखेगी।


