देश: के कई हिस्सों में मानसून आफत बनकर बरस रहा है। जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश सहित पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात इतने गंभीर हैं कि अमरनाथ यात्रा को तय समय से एक सप्ताह पहले ही बंद करना पड़ा है।
अमरनाथ यात्रा पूरी तरह रद्द, अब तक 4.10 लाख श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन
कश्मीर मंडल आयुक्त विजय कुमार बिधुड़ी ने बताया कि हालिया भारी बारिश से बालटाल और पहलगाम दोनों यात्रा मार्गों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। सड़कें टूट गई हैं और ट्रैक खतरनाक हो गए हैं। पहले यात्रा को 3 अगस्त तक स्थगित किया गया था, लेकिन हालात बिगड़ने पर यात्रा को अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अमरनाथ यात्रा की नियोजित समाप्ति तिथि 9 अगस्त (रक्षाबंधन) थी। इस वर्ष कुल 4.10 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए।
उत्तराखंड के चमोली में भूस्खलन, 12 मजदूर घायल
उत्तराखंड के चमोली जिले के हेलंग क्षेत्र में टीएचडीसी विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना स्थल पर भूस्खलन हुआ, जहां 300 मजदूर काम कर रहे थे। पहाड़ से पत्थर गिरते देख कई मजदूर भागे, लेकिन 12 उसकी चपेट में आ गए। चार को गंभीर चोटें आई हैं, एक की रीढ़ की हड्डी में चोट है जिसे श्रीनगर अस्पताल रेफर किया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए बिना परियोजना का कार्य दोबारा शुरू नहीं होगा।
हिमाचल में तबाही, 100 से अधिक की मौत, 387 सड़कें बंद
हिमाचल प्रदेश में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से जुड़ी घटनाओं में अब तक 101 लोगों की मौत हो चुकी है। चंडीगढ़-मनाली, मनाली-लेह, औत-लुहरी और खाब-ग्रम्फू समेत चार राष्ट्रीय राजमार्ग और कुल 387 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं। अकेले मंडी जिले में 187 सड़कें बंद हैं। 747 विद्युत ट्रांसफार्मर और 249 जल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से राहत पैकेज की मांग की है।
सेना के रेस्क्यू ऑपरेशन ने 105 लोगों की जान बचाई
पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में स्थिति बेहद खराब हो गई है। मध्य प्रदेश के ईसागढ़, सिहोर और गुना, राजस्थान के धौलपुर और पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सेना की टुकड़ियां राहत कार्यों में जुटी हैं। अब तक 105 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जबकि 300 से अधिक को प्राथमिक चिकित्सा दी गई है।
निष्कर्ष:
देश के कई राज्यों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर धार्मिक यात्रा बाधित हुई है, वहीं दूसरी ओर आम जनजीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सेना, प्रशासन और राहत एजेंसियां पूरी मुस्तैदी से कार्य कर रही हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण राहत कार्यों में भी बाधा आ रही है। जरूरत है सतर्कता, सहयोग और सरकार द्वारा शीघ्र राहत पैकेज की।


