कांग्रेस सांसद: राहुल गांधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। उन्होंने शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकी दी थी। राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने राहुल के बयान को “मर्यादा के सभी सीमाओं को पार” करने वाला बताया और कहा कि राहुल को अरुण जेटली, उनके परिवार और समर्थकों से तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
रोहन जेटली ने उठाए सवाल:
अरुण जेटली के बेटे रोहन जेटली ने भी राहुल के दावे को झूठा करार देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा:
“राहुल गांधी दावा कर रहे हैं कि मेरे दिवंगत पिता अरुण जेटली ने उन्हें कृषि कानूनों को लेकर धमकाया था। मैं उन्हें याद दिला दूं कि मेरे पिता का देहांत 2019 में हुआ था और कृषि कानूनों का विरोध तो अगस्त 2020 में शुरू हुआ था।”
धर्मेंद्र प्रधान की तीखी टिप्पणी:
प्रधान ने अपने बयान में कहा:
“राहुल गांधी का बयान राजनीति के गिरते स्तर की एक मिसाल है। वह न केवल झूठ फैला रहे हैं, बल्कि एक दिवंगत नेता की गरिमा को ठेस पहुँचा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं में संवेदना नाम की कोई चीज़ नहीं बची।”
कांग्रेस की सफाई अब तक नहीं आई:
इस पूरे विवाद के बीच अब तक कांग्रेस पार्टी या राहुल गांधी की ओर से कोई औपचारिक सफाई सामने नहीं आई है। हालांकि भाजपा इस मुद्दे को तूल दे रही है और इसे “राजनीतिक नैतिकता का पतन” बता रही है।
पृष्ठभूमि:
अरुण जेटली भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और मोदी सरकार में वित्त मंत्री रहे थे। उनका निधन 24 अगस्त 2019 को हुआ था। राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप इस तथ्य से मेल नहीं खाते, क्योंकि विवादित कृषि कानून तो 2020 में संसद में पारित हुए थे।
निष्कर्ष:
राहुल गांधी के बयान ने एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में गरमाहट ला दी है। जहां एक ओर भाजपा इस बयान को ‘फर्जी और अपमानजनक’ बता रही है, वहीं लोगों की निगाहें अब कांग्रेस के संभावित जवाब पर टिकी हुई हैं।


