लखनऊ: में एक NCC कैडेट ने फांसी लगाकर अपने जीवन का अंत कर दिया। मृतका के भाई ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उसकी बहन पड़ोसियों के लगातार ब्लैकमेल और मानसिक उत्पीड़न के कारण यह कदम उठाने को मजबूर हुई।
भाई के अनुसार, उनकी बहन पुलिस अफसर बनकर घर के हालात सुधारना चाहती थी, लेकिन पड़ोसियों की धमकियों ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
पड़ोसियों का ब्लैकमेल
भाई ने स्पष्ट किया कि पड़ोसी मोहित तिवारी और उसकी बहन खुशबू तिवारी लगातार NCC कैडेट को परेशान कर रहे थे। उनके कथनानुसार:
-
पड़ोसी कहते थे, “तुम्हारा वीडियो हमारे पास है, इसे वायरल कर देंगे और तुम्हें बर्बाद कर देंगे।”
-
यह मानसिक दबाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता गया और बहन को तनाव में डाल दिया।
परिवार की प्रतिक्रिया
भाई ने कहा:
-
“मेरी बहन अपने परिवार की स्थिति सुधारने के लिए पुलिस अफसर बनना चाहती थी।”
-
“लेकिन पड़ोसियों की धमकियों और ब्लैकमेल के कारण उसका सपना अधूरा रह गया।”
-
परिवार ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई और जिम्मेदार पड़ोसियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाने की मांग की।
पुलिस की जांच
लखनऊ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सुसाइड नोट और परिवार के बयान को ध्यान में रखते हुए पड़ोसियों के खिलाफ धमकी और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों की पुष्टि की जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर और युवा ब्लैकमेल, सोशल मीडिया धमकियां और मानसिक दबाव के कारण अत्यधिक तनाव का सामना कर सकते हैं, जिससे गंभीर परिणाम भी सामने आ सकते हैं।
निष्कर्ष:
यह घटना सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि समाज और पड़ोसियों की लापरवाही का उदाहरण भी है। NCC कैडेट की आत्महत्या यह संदेश देती है कि युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। अब परिवार और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि दोषियों पर कार्रवाई कर न्याय सुनिश्चित करें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


