लखनऊ। राजधानी लखनऊ में सड़कों की खराब गुणवत्ता को लेकर नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। जोन-1 क्षेत्र के राणा प्रताप मार्ग और नवल किशोर रोड पर किए गए पैचवर्क कार्य की कुछ ही दिनों में उखड़ने पर नगर निगम ने कार्रवाई की है।
दो ठेकेदार फर्मों – मैसर्स मुकेश एंटरप्राइजेज और मैसर्स ममता ट्रेडर्स – पर ₹25,000-₹25,000 का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही, कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतने वाली जूनियर इंजीनियर (JE) प्रतिमा यादव का एक दिन का वेतन काटने की सिफारिश की गई है।
जांच में खुलासा: घटिया सामग्री से किया गया मरम्मत कार्य
अधिशासी अभियंता किशोरी लाल की जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट हुआ कि पैचवर्क में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया था।
बारिश और सामान्य यातायात के कारण सड़कें कुछ ही दिनों में फिर से टूट गईं।
मुख्य अभियंता (सिविल) महेश वर्मा ने कहा कि नगर निगम सड़कों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं करेगा।
“घटिया कार्य और लापरवाही करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का उद्देश्य नागरिकों को लंबे समय तक टिकाऊ सड़कों की सुविधा देना है।”
अपर नगर आयुक्त की सख्त चेतावनी
अपर नगर आयुक्त ललित कुमार ने कहा कि भविष्य में अगर किसी कार्य में इसी तरह की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
“हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हर सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता मानक के अनुरूप हो। लापरवाही और भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
नगर निगम ने सभी जोनल अभियंताओं को निर्देश दिए हैं कि वे साइट पर निगरानी बढ़ाएं और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत मुख्यालय को दें।
नगर निगम की प्राथमिकता: गुणवत्ता और पारदर्शिता
शहर की सड़कों को लंबे समय तक सुचारू रखने और नागरिकों को असुविधा से बचाने के लिए नगर निगम ने गुणवत्ता नियंत्रण और ऑडिट प्रणाली को मजबूत करने का निर्णय लिया है।
प्रत्येक नई सड़क और मरम्मत कार्य की रिपोर्ट अब जोनवार समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाएगी।


