आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा में पीएचडी कर रही एक छात्रा ने अपने को-सुपरवाइजर प्रोफेसर जैसवार गौतम पर शारीरिक शोषण (sexual exploitation) का आरोप लगाया है। FIR दर्ज होने के बाद आरोपी प्रोफेसर लापता है। वहीं, छात्रा का आरोप है कि मेडिकल जांच के दौरान भी डॉक्टर ने ‘रेप साबित नहीं होगा, मामला रफा-दफा करो’ जैसी बातें कहीं और इंटरनल जांच कराने से मना कर दिया।
🩺 “डॉक्टर ने कहा– मूव ऑन करो, रेप साबित नहीं होगा”
पीएचडी स्कॉलर ने बताया कि वह 28 अक्टूबर को दोपहर में लेडी लायल हॉस्पिटल में मेडिकल जांच कराने पहुंची थी।
जांच के दौरान ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने उससे पूरी घटना सुनी और कहा —
“इस लफड़े में मत पड़ो, कोई फायदा नहीं। मूव ऑन करो, क्यों इस पचड़े में फंस रही हो?”
छात्रा के मुताबिक, जब उसने इंटरनल मेडिकल जांच की बात कही, तो डॉक्टर ने डराया कि “ऐसी जांच में शरीर को नुकसान हो जाएगा।” इसके बाद डॉक्टर ने छात्रा से फॉर्म पर साइन करवा लिए कि वह आंतरिक जांच नहीं कराना चाहती है।
छात्रा ने आरोप लगाया कि मेडिकल रूम में मौजूद एक अन्य डॉक्टर ने कहा —
“तुम 30 साल की हो, बालिग हो। पहले राजीखुशी रहती हो, बाद में मुकदमा लगा देती हो।”
छात्रा ने बताया कि उसने री-मेडिकल की मांग की थी, लेकिन डॉक्टर ने इंकार कर दिया।
💔 “प्रोफेसर ने पत्नी की बुराई कर मुझ पर भरोसा जमाया”
छात्रा ने बताया कि प्रो. जैसवार शुरू में उसे पढ़ाई में मदद करते थे।
धीरे-धीरे उन्होंने निजी बातें शेयर करनी शुरू कीं और कहा कि उनकी पत्नी से रिश्ते अच्छे नहीं हैं।
“वो मुझे कहते थे कि उनकी शादीशुदा जिंदगी नर्क है और वो मुझसे शादी करेंगे।”
छात्रा ने आगे बताया —
“उन्होंने मुझसे कहा कि घर नहीं जाऊंगा, चलो खजुराहो घूमने चलते हैं।”
वहां होटल में 3 दिन तक रहे और प्रोफेसर ने पहली बार उसके साथ संबंध बनाए।
बाद में मथुरा में भी इसी तरह की घटनाएं हुईं।
⚡ “शादी की बात पर ऑफिस में थप्पड़ मारे”
छात्रा के मुताबिक, 25 अक्टूबर को प्रोफेसर ने उसे विश्वविद्यालय परिसर स्थित अपने ऑफिस में बुलाया।
वहां शादी को लेकर विवाद हुआ और प्रोफेसर ने उसे थप्पड़ मारे, धक्का दिया और धमकाया कि
“अगर किसी को बताया तो तुम्हारी पीएचडी खत्म कर दूंगा।”
इसके बाद छात्रा ने FIR दर्ज कराई। उसने पुलिस को कॉल रिकॉर्डिंग, चैट और फोटो जैसी डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे हैं।
🏛️ विश्वविद्यालय ने प्रोफेसर को किया सस्पेंड, जांच कमेटी गठित
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. आशु रानी ने प्रोफेसर को निलंबित (Suspended) कर दिया है।
विश्वविद्यालय ने Internal Complaints Committee (ICC) गठित की है, जिसमें महिला वकील और विशेषज्ञ शामिल हैं।
कुलपति ने कहा —
“जांच में दोषी पाए जाने पर प्रोफेसर की सेवा समाप्त (termination) तक की कार्रवाई की जाएगी।”
लखनऊ स्थित राजभवन ने भी विश्वविद्यालय से मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
👩🎓 “तीन प्रोफेसर पैसे लेकर केस खत्म करने को कह रहे हैं”
पीड़ित छात्रा के परिवार ने पुलिस को बताया कि
तीन प्रोफेसर आरोपी का साथ दे रहे हैं और उन्हें समझौता करने का दबाव बना रहे हैं।
कहा जा रहा है कि ये लोग पैसे लेकर मामला रफा-दफा कराने की कोशिश में हैं।
पुलिस ने दबाव बनाने वालों की पहचान कर ली है और जल्द पूछताछ करेगी।
👮♀️ आरोपी प्रोफेसर लापता, पत्नी बोलीं—“आप बताइए, वो कहां हैं?”
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस सिकंदरा स्थित कॉलोनी में प्रोफेसर के घर पहुंची।
उनकी पत्नी ने बताया —
“मैं और मेरे दो बच्चे घर पर हैं। वो (प्रोफेसर) दो दिन से नहीं आए हैं। मोबाइल भी स्विच ऑफ है।
आप बताइए, वो कहां हैं?”
प्रोफेसर के परिवार में पत्नी, एक 18 वर्षीय बेटी और 15 वर्षीय बेटा हैं।
उनका पैतृक घर आज़मगढ़ के पास और ससुराल लखनऊ में है।


