गोरखपुर | उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जिसमें महज 40 हजार रुपये के विवाद में एक युवक ने अपने जिगरी दोस्त का सिर कुल्हाड़ी से काटकर अलग कर दिया। हत्या का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने संदेह के आधार पर उसके दोस्त आयुष सिंह को हिरासत में लिया और उसने पूरा जुर्म कबूल कर लिया।
कातिल दोस्त आयुष का कबूलनामा — “पैसे मांगे तो विवाद हुआ, कार में ही सिर काट दिया”
पुलिस पूछताछ में आयुष ने बताया:
“अंबुज ने मुझे 40 हजार में अवैध पिस्टल दी थी, जो खराब थी। पैसे मांगे तो झगड़ा हो गया। दोस्तों के साथ बेसबॉल और डंडे से पीटकर अधमरा कर दिया। कार में डालकर गला दबाकर मार डाला और फिर कुल्हाड़ी से सिर काट दिया। पहचान न हो, इसलिए उसे न्यूड किया, रक्षा सूत्र और अंगूठी वाली ऊंगली तक काट दी। फिर महराजगंज जिले में धड़ और सिर अलग-अलग फेंक दिया।”
महराजगंज के श्यामदेउरवां इलाके में नहर किनारे झाड़ियों में सिर, जबकि करीब 10 किमी दूर धड़ फेंका गया।
गुमशुदगी से हत्या तक: पिता ने दर्ज कराई थी रिपोर्ट
26 नवंबर की रात अंबुज अपने दोस्त आयुष के साथ एक “हल्दी कार्यक्रम” में जाने की बात कहकर घर से निकला था।
रात में फोन स्विच ऑफ मिला।
27 तारीख तक घर न लौटने पर पिता संतोष मणि त्रिपाठी ने तिवारीपुर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई।
पुलिस ने इलाके के 50 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और अंबुज का मोबाइल सर्विलांस पर लगाया।
जांच में आयुष पर शक गहराया और पूछताछ में सारा राज खुल गया।
दोस्ती में विश्वासघात — तस्वीरें गवाह, लेकिन दोस्त ही बना कातिल
अंबुज और आयुष बेहद करीबी दोस्त थे।
दोनों की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद हैं।
इसी दोस्ती पर भरोसा कर अंबुज उसके साथ गया था।
लेकिन वही दोस्त उसका कातिल निकला।
पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस में ही पिंडदान
शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के बाद जब लाश घर पहुंची तो:
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मां रेखा और बहन राधा बेसुध हो गईं,
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पिता संतोष एंबुलेंस में बेटे के शव को निहारते रहे,
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एंबुलेंस के अंदर ही पिंडदान और गोदान कराया गया,
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उसके बाद शव को सीधे राजघाट ले जाया गया,
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इलाके में तनाव को देखते हुए चार थानों की पुलिस और PAC तैनात रही।
अंबुज परिवार का इकलौता बेटा था।
पिता बीमा एजेंट, मां गृहणी और छोटी बहन 11वीं की छात्रा है।
अंगूठी वाली उंगली तक काट दी गई थी
बरामद शव की हालत बेहद खराब थी:
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सिर की आंखें और जीभ बाहर निकली हुई,
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धड़ सड़ चुका था,
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शरीर पर पीटने के नीले निशान,
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उंगली काटी हुई पाई गई।
अपराध में इस्तेमाल की गई अर्टिगा कार आयुष के दोस्त की थी, जिसे हत्या के बाद लाश ले जाने के लिए इस्तेमाल किया गया।
आयुष और एक सहयोगी गिरफ्तार, तीसरा आरोपी फरार
एसपी सिटी अभिनव त्यागी के अनुसार, आयुष सिंह को हत्या, अपहरण, सबूत नष्ट करने और साजिश रचने की धाराओं में गिरफ्तार किया गया है।
दूसरा आरोपी भी अरेस्ट हो चुका है, जबकि तीसरे साथी की तलाश जारी है।


