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ईरान पर अमेरिकी हमले की तैयारी? ट्रम्प को मिला अटैक प्लान, 2 हफ्तों में 217 की मौत का दावा

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज, ट्रम्प के सामने सैन्य कार्रवाई का विकल्प; इजराइल हाई अलर्ट पर, रजा पहलवी ने फिर सड़कों पर उतरने का आह्वान किया

तेहरान: ईरान में बीते दो हफ्तों से सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार उग्र होते जा रहे हैं। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका और गहरा गई है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की ब्रीफिंग दी जा चुकी है, हालांकि अंतिम फैसला अभी नहीं लिया गया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अगर ईरानी सरकार प्रदर्शनकारियों पर और सख्त कार्रवाई करती है, तो राष्ट्रपति ट्रम्प सैन्य कदम उठाने पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान आज़ादी की ओर देख रहा है और अमेरिका मदद के लिए तैयार है।


प्रदर्शन में 217 लोगों की मौत का दावा

टाइम मैगजीन ने तेहरान के एक डॉक्टर के हवाले से बताया है कि अब तक कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। वहीं एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक 2600 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कई शहरों में इंटरनेट और बिजली सेवाएं बाधित कर दी गई हैं।


तेहरान में हिंसा और आगजनी

राजधानी तेहरान में सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें जारी हैं। कई इलाकों में सुरक्षाबलों ने फायरिंग की। शुक्रवार को अल-रसूल मस्जिद में आग लगाए जाने की घटना भी सामने आई है। रात के समय बिजली बंद होने के बाद प्रदर्शनकारी मोबाइल फ्लैश जलाकर नारे लगाते दिखे।


इजराइल हाई अलर्ट पर

ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंका को देखते हुए इजराइल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। रॉयटर्स के अनुसार, इजराइली सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच फोन पर बातचीत हुई है, जिसमें ईरान में संभावित अमेरिकी हस्तक्षेप पर चर्चा हुई।


ईरान की अमेरिका और इजराइल को चेतावनी

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर हमला किया, तो दोनों को कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह पहला मौका है जब ईरानी नेतृत्व ने इजराइल को सीधे निशाना बनाने की बात कही है।


प्रदर्शनकारियों को फांसी की धमकी

ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आज़ाद ने कहा है कि प्रदर्शन में शामिल लोगों को ‘खुदा का दुश्मन’ माना जाएगा, जिसके तहत मौत की सजा दी जा सकती है। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी आंदोलन के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।


लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने इस्लामी गणराज्य का झंडा हटाकर 1979 से पहले इस्तेमाल होने वाला शेर और सूरज के निशान वाला झंडा फहराया। लंदन पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।


रजा पहलवी की जनता से अपील

ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने वीडियो संदेश जारी कर लोगों से सड़कों पर डटे रहने की अपील की है। उन्होंने आज शाम 6 बजे फिर से बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। पहलवी का दावा है कि कई सुरक्षा कर्मी जनता के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर रहे हैं, जिससे सरकार का दमन तंत्र कमजोर पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए तैयार रहने की बात कही है।

ईरान इस समय गंभीर आंतरिक संकट और अंतरराष्ट्रीय दबाव का सामना कर रहा है। एक ओर सरकार का सख्त दमन जारी है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और इजराइल की संभावित सैन्य कार्रवाई ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है। राष्ट्रपति ट्रम्प का अंतिम फैसला न केवल ईरान बल्कि पूरे मध्य-पूर्व की राजनीति को प्रभावित कर सकता है।

News Desk

Written by News Desk

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