देश: के सबसे बड़े उद्योगपति और रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के चेयरमैन Mukesh Ambani ने लगातार छठे साल भी अपनी कंपनी से कोई सैलरी नहीं ली है। हालांकि, इसके बावजूद उनकी कमाई हजारों करोड़ रुपये में हुई है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि मुकेश अंबानी ने इस साल भी वेतन, अलाउंस, बोनस या रिटायरमेंट बेनिफिट्स के रूप में एक भी रुपया नहीं लिया।
लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर बिना सैलरी के भी मुकेश अंबानी की कमाई कैसे हो रही है? इसका जवाब है—डिविडेंड यानी लाभांश।
कोरोना काल में लिया था बड़ा फैसला
मुकेश अंबानी ने जून 2020 में कोविड महामारी के दौरान एक बड़ा फैसला लिया था। उस समय उन्होंने कहा था कि जब तक रिलायंस इंडस्ट्रीज के सभी बिजनेस पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौट आते, तब तक वे अपनी सैलरी नहीं लेंगे।
इसके बाद से उन्होंने वित्तीय वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और अब 2025-26 में भी वेतन नहीं लिया। खास बात यह है कि इससे पहले भी उन्होंने 2008 में अपनी सैलरी लिमिट खुद तय कर दी थी।
डिविडेंड से हुई ₹3996 करोड़ की कमाई
भले ही मुकेश अंबानी ने सैलरी नहीं ली, लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज से मिलने वाले डिविडेंड ने उनकी कमाई को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने FY26 के लिए ₹6 प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की है। कंपनी में मुकेश अंबानी की व्यक्तिगत हिस्सेदारी 1.61 करोड़ शेयरों की है। इस आधार पर उन्हें निजी तौर पर लगभग ₹9.66 करोड़ का डिविडेंड मिलेगा।
इसके अलावा, अंबानी परिवार की प्रमोटर ग्रुप कंपनियों के पास रिलायंस के करीब 664.5 करोड़ शेयर यानी लगभग 50.07% हिस्सेदारी है। इस हिस्सेदारी के आधार पर प्रमोटर ग्रुप को करीब ₹3987 करोड़ का लाभांश मिलेगा।
इस तरह कुल मिलाकर मुकेश अंबानी और उनके नियंत्रण वाले समूह की डिविडेंड इनकम लगभग ₹3996.66 करोड़ पहुंच गई है।
दुनिया के 22वें सबसे अमीर व्यक्ति
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार, मुकेश अंबानी इस समय दुनिया के 22वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनकी कुल नेटवर्थ करीब 92 बिलियन डॉलर यानी लगभग ₹8.83 लाख करोड़ आंकी गई है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार पेट्रोकेमिकल्स, टेलीकॉम, रिटेल, डिजिटल सर्विसेज और ग्रीन एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में फैला हुआ है।

अनंत अंबानी को मिला ₹12 करोड़ का पैकेज
रिलायंस बोर्ड में अक्टूबर 2023 में शामिल हुए अंबानी परिवार के बच्चों को लेकर भी वार्षिक रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं।
Anant Ambani को FY26 में ₹12.17 करोड़ का पैकेज मिला है। इसमें करीब ₹2.29 करोड़ का कमीशन भी शामिल है।
वहीं Akash Ambani और Isha Ambani को केवल ₹5 लाख की सिटिंग फीस और ₹2.5 करोड़ का प्रॉफिट कमीशन दिया गया।
मेसवानी बंधुओं को मिला ₹25-25 करोड़
मुकेश अंबानी के चचेरे भाई निखिल मेसवानी और हितल मेसवानी को FY26 में ₹25-25 करोड़ का पारिश्रमिक मिला।
इसमें ₹10 करोड़ सैलरी और अलाउंस, ₹44 लाख रिटायरल बेनिफिट्स और ₹14.56 करोड़ का प्रॉफिट कमीशन शामिल है।
वहीं कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर पी.एम.एस. प्रसाद का पैकेज बढ़कर ₹20.58 करोड़ हो गया है।
चौथी तिमाही में मुनाफा घटा
रिलायंस इंडस्ट्रीज का चौथी तिमाही का प्रदर्शन मिला-जुला रहा।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 13% घटकर ₹16,971 करोड़ रह गया, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹19,407 करोड़ था।
हालांकि कंपनी का कुल रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹2.64 लाख करोड़ था।
निवेशकों की नजर अब भविष्य की रणनीति पर
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज अब ग्रीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी और रिटेल सेक्टर पर तेजी से फोकस कर रही है।
मुकेश अंबानी की बिना सैलरी काम करने की रणनीति को कई लोग कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नेतृत्व का बड़ा उदाहरण मान रहे हैं।
मुकेश अंबानी भले ही लगातार छह साल से रिलायंस इंडस्ट्रीज से सैलरी नहीं ले रहे हों, लेकिन डिविडेंड के जरिए उनकी कमाई हजारों करोड़ रुपये में बनी हुई है। यह दिखाता है कि बड़े उद्योगपतियों की आय केवल वेतन पर निर्भर नहीं होती, बल्कि कंपनी में हिस्सेदारी और निवेश भी उनकी संपत्ति का बड़ा स्रोत होते हैं।


