नई दिल्ली | संसद का शीतकालीन सत्र शुक्रवार को औपचारिक रूप से समाप्त हो गया। यह सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चला। इस दौरान केंद्र सरकार ने कुल 14 विधेयक लाने की योजना बनाई थी, लेकिन विपक्ष के मुताबिक केवल 12 विधेयक ही पेश किए गए। दोनों सदनों से कुल 8 विधेयक पारित हुए, जबकि 2 विधेयकों को संसदीय समिति के पास भेज दिया गया। कुछ प्रस्तावित विधेयक पेश ही नहीं हो सके।
कांग्रेस का बड़ा आरोप: टैगोर और गांधी का अपमान
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सत्र के समापन पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि—
“इस सत्र की शुरुआत रवींद्रनाथ टैगोर के अपमान से हुई और अंत महात्मा गांधी के अपमान के साथ हुआ।”
रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रणनीति साफ थी—
आधुनिक भारत की नींव रखने वाले तीन महापुरुषों—रवींद्रनाथ टैगोर, महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू—की विरासत को कमजोर करना।
वंदे मातरम् और इतिहास को लेकर विवाद
जयराम रमेश ने वंदे मातरम् पर हुई बहस का जिक्र करते हुए कहा कि—
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सरकार ने इसे नेहरू को बदनाम करने का जरिया बनाया
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इतिहास को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया
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उन्होंने बताया कि 1937 में टैगोर की सिफारिश पर ही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) ने वंदे मातरम् के पहले दो छंदों को राष्ट्रगान के रूप में स्वीकार किया था
MGNREGA की जगह VB-G RAM G बिल पर विरोध
कांग्रेस और विपक्षी दलों का सबसे बड़ा विरोध महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह VB-G RAM G बिल 2025 लाने को लेकर रहा।
जयराम रमेश ने कहा कि—
“मनरेगा की जगह नया बिल लाना सीधे तौर पर महात्मा गांधी का अपमान है।”
TMC सांसदों का रातभर धरना
VB-G RAM G बिल के संसद से पारित होते ही—
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद संविधान सदन के बाहर
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करीब 12 घंटे तक धरने पर बैठे
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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भाषण के दौरान विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की
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कई सांसद वेल में पहुंचे और बिल की कॉपी फाड़कर विरोध जताया
हालांकि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार राज्य की ग्रामीण रोजगार योजना का नाम महात्मा गांधी के नाम पर ही रखेगी।
संसद की उत्पादकता पर सरकार का दावा
सरकार ने सत्र को अत्यंत उत्पादक बताया।
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राज्यसभा की उत्पादकता: 121%
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लोकसभा की उत्पादकता: 111%
राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि—
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जीरो आवर नोटिस की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर रही
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प्रतिदिन औसतन 84 नोटिस आए
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यह आंकड़ा पिछले सत्रों से 31% अधिक है
आखिरी दिन की अहम घटनाएं
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लोकसभा और राज्यसभा दोनों अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
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लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के चैंबर में चाय पर चर्चा, PM मोदी और प्रियंका गांधी शामिल
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भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 8 विपक्षी सांसदों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया
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सपा सांसदों ने नाम बदलने की राजनीति पर सरकार को घेरा
निष्कर्ष:
संसद का शीतकालीन सत्र विधायी कामकाज के साथ-साथ तेज राजनीतिक टकराव का गवाह रहा। जहां सरकार ने इसे रिकॉर्ड उत्पादकता वाला सत्र बताया, वहीं विपक्ष ने इतिहास, महापुरुषों की विरासत और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। VB-G RAM G बिल को लेकर विवाद आने वाले समय में भी संसद के बाहर और भीतर राजनीति का बड़ा मुद्दा बना रह सकता है।


