जयपुर। राजस्थान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अहम और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों में गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की वीर गाथा को शामिल करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अब छोटे बच्चों की किताबों में वीर बाल दिवस से जुड़ी प्रेरक गाथा को स्थान दिया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी को बचपन से ही साहस, बलिदान, धर्म और संस्कृति की रक्षा के मूल्यों से परिचित कराया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पाठ्यक्रम में साहिबजादे फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत पर आधारित अध्याय जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि बहुत कम उम्र में इन वीर बालकों ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
बीजेपी मुख्यालय में वीर बाल दिवस कार्यक्रम
यह घोषणा 26 दिसंबर, वीर बाल दिवस के अवसर पर बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान की गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीर बाल दिवस पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
कार्यक्रम में बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, सांसद मंजू शर्मा, कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा और विधायक बालमुकुंद आचार्य सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
सीएम बोले— इससे राष्ट्रभक्ति का भाव विकसित होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि माता गुजरी का त्याग और साहिबजादों का साहस हमें राष्ट्र, धर्म और संस्कृति के प्रति अटूट निष्ठा की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा—
“आज जरूरत है कि हम अपने इतिहास पर गर्व करें और अपनी विरासत को आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार इसी उद्देश्य से छोटे बच्चों की पुस्तकों में वीर बाल दिवस की गाथा शामिल करेगी, ताकि बचपन से ही संस्कार और राष्ट्रभक्ति का भाव विकसित हो।”
मदन राठौड़ ने साहिबजादों के बलिदान को बताया अमर
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की शहादत को याद करते हुए कहा कि मुगल काल में धर्म परिवर्तन के लिए दी गई यातनाओं के बावजूद साहिबजादों ने अपने धर्म से समझौता नहीं किया।
उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाया जाना पूरे देश के लिए गर्व का विषय है और यह दिन आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास से जोड़ने का कार्य करता है।
कार्यक्रम के अंत में लिया गया संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने वीर साहिबजादों के अमर बलिदान को नमन किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
राजस्थान सरकार का यह निर्णय शिक्षा के माध्यम से इतिहास, संस्कार और राष्ट्रभक्ति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों की वीर गाथा को सिलेबस में शामिल करना नई पीढ़ी को साहस, त्याग और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।


