नई दिल्ली/कोलकाता। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने शुक्रवार को दिल्ली से लेकर कोलकाता तक शक्ति प्रदर्शन किया। पश्चिम बंगाल में पार्टी के आईटी सेल प्रमुख के ठिकानों पर हुई ED की कार्रवाई के विरोध में TMC सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय और अमित शाह के आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
शुक्रवार सुबह टीएमसी के 8 सांसद—डेरेक ओ’ब्रायन, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद समेत अन्य नेता—नारेबाजी करते हुए सड़कों पर उतरे। सांसदों ने “बंगाल में मोदी-शाह की गंदी चालें नहीं चलेंगी” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, जिससे धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। कुछ सांसद जमीन पर गिरते भी नजर आए।
दिल्ली पुलिस ने सुबह करीब 10 बजे सभी सांसदों को हिरासत में लिया और लगभग दो घंटे बाद दोपहर 12 बजे छोड़ दिया। हिरासत से बाहर आने के बाद महुआ मोइत्रा ने कहा, “अगर चुने हुए सांसदों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम नागरिकों का क्या हाल होगा?”
TMC ने सोशल मीडिया पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट अब एक्सटॉर्शन डायरेक्टोरेट बन चुकी है।” पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले के लिए कर रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मोर्चा संभाल लिया है। ममता आज दोपहर 2 बजे कोलकाता में ED की कार्रवाई के विरोध में बड़ा मार्च निकालेंगी। पार्टी का कहना है कि यह लड़ाई अब दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी।
उधर, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने ED को “सरकार का हथियार” बताया, जबकि बीजेपी नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि कानून अपना काम कर रहा है।
ED रेड के खिलाफ TMC का यह आक्रामक विरोध आने वाले दिनों में केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच टकराव को और तेज कर सकता है। सांसदों की हिरासत और ममता बनर्जी के कोलकाता मार्च ने साफ कर दिया है कि यह मामला अब सिर्फ जांच एजेंसी की कार्रवाई नहीं, बल्कि बड़ी राजनीतिक जंग का रूप ले चुका है।


