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Rajasthan Crime: बीकानेर में 8वीं बोर्ड परीक्षा देने निकली 13 साल की छात्रा का अर्धनग्न शव मिला, हत्या से सुलगा रणजीतपुरा

परीक्षा केंद्र के लिए घर से निकली मासूम का नहर किनारे झाड़ियों में मिला शव; परिजन बोले- ‘आरोपी की गिरफ्तारी तक नहीं होगा अंतिम संस्कार’, राजनीति भी गरमाई

बीकानेर से दिल दहला देने वाली वारदात

राजस्थान के बीकानेर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। रणजीतपुरा (बज्जू) इलाके में 8वीं बोर्ड की परीक्षा देने घर से निकली 13 साल की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर दी गई। बच्ची का अर्धनग्न शव नहर के पास झाड़ियों में मिलने से इलाके में भारी तनाव फैल गया।

यह मामला केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।


परीक्षा देने निकली, लेकिन घर नहीं लौटी

जानकारी के अनुसार, छात्रा अपनी ढाणी से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित परीक्षा केंद्र के लिए निकली थी। वह राजस्थान 8वीं बोर्ड परीक्षा 2026 देने जा रही थी।

जब वह समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंची तो स्कूल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी। यह सूचना मिलते ही परिवार के लोग घबरा गए और तुरंत तलाश शुरू की।

घंटों की तलाश के बाद नहर किनारे झाड़ियों में बच्ची का शव मिला। शव की हालत देखकर परिजन और ग्रामीण सन्न रह गए।


अर्धनग्न अवस्था में मिला शव, दरिंदगी की आशंका

ग्रामीणों का आरोप है कि बच्ची के साथ पहले दरिंदगी की गई और फिर उसकी हत्या कर शव को झाड़ियों में फेंक दिया गया।

हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही दुष्कर्म की पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल एफएसएल और साइबर सेल की टीमें सबूत जुटाने में लगी हैं।

बीकानेर एसपी कावेंद्र सिंह सागर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं और हालात को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।


‘आरोपी की गिरफ्तारी तक नहीं होगा अंतिम संस्कार’

घटना के बाद परिजन और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने शव के साथ रातभर धरना दिया।

उनकी मांग साफ है:
“जब तक आरोपी गिरफ्तार नहीं होगा, तब तक अंतिम संस्कार नहीं होगा।”

इलाके में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार समझाइश की कोशिश कर रहा है।


राजनीति भी गरमाई

इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मचा दी है।

🟠 हनुमान बेनीवाल का तीखा हमला

नागौर सांसद और आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल है और संवेदनहीन अधिकारियों को जिम्मेदारी दे रखी है।

उन्होंने डीजीपी से बात कर तुरंत आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को टैग कर सवाल उठाए।

🟠 अर्जुन राम मेघवाल की प्रतिक्रिया

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी एसपी से फोन पर बात कर दोषियों को किसी भी कीमत पर न बख्शने की बात कही।

🟠 डोटासरा और जूली की मांग

राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना को प्रदेश के माथे पर कलंक बताया और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर सख्त सजा दिलाने की मांग की।


पुलिस की जांच और तकनीकी पहलू

घटना की गंभीरता को देखते हुए:

  • एफएसएल टीम ने मौके से सैंपल एकत्र किए

  • साइबर सेल आसपास के मोबाइल लोकेशन डेटा की जांच कर रही है

  • नहर क्षेत्र और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं

  • संदिग्धों से पूछताछ शुरू

पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।


महिला सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह घटना राजस्थान में महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • क्या ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त हैं?

  • क्या परीक्षा केंद्रों तक छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था होनी चाहिए?

  • क्या पुलिस गश्त बढ़ाने की जरूरत है?

प्रदेश में पिछले कुछ महीनों में महिला अपराधों की घटनाओं में बढ़ोतरी की खबरें सामने आई हैं, जिससे जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ी है।


ग्रामीणों में भय और आक्रोश

रणजीतपुरा और आसपास के गांवों में भय का माहौल है। माता-पिता अपनी बेटियों को स्कूल भेजने में डर महसूस कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन और तेज होगा।


कानून व्यवस्था पर दबाव

राजस्थान विधानसभा का सत्र चल रहा है। ऐसे समय में यह घटना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।

विपक्ष इसे कानून व्यवस्था की विफलता बता रहा है, जबकि सरकार ने दोषियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है।


सामाजिक प्रभाव

ऐसी घटनाएं केवल एक परिवार को नहीं, बल्कि पूरे समाज को झकझोर देती हैं।

  • बच्चियों की शिक्षा पर असर

  • ग्रामीण समाज में डर

  • प्रशासन पर अविश्वास

जरूरत है कि समाज, प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व मिलकर ठोस कदम उठाए।

बीकानेर का यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था की परीक्षा है।

  • 13 साल की मासूम परीक्षा देने निकली थी

  • अर्धनग्न हालत में शव मिला

  • ग्रामीणों का धरना जारी

  • राजनीतिक बयानबाजी तेज

  • पुलिस जांच जारी

अब पूरा प्रदेश एक ही सवाल पूछ रहा है—
क्या इस मासूम को न्याय मिलेगा?

दोषियों की गिरफ्तारी और कठोर सजा ही इस आक्रोश को शांत कर सकती है।

News Desk

Written by News Desk

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