in , ,

हाईकोर्ट की छत पर बच्चे संग चढ़ी महिला: “कूद जाऊंगी” की धमकी से मचा हड़कंप, पुलिस की सूझबूझ से बची जान

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक महिला अपने मासूम बच्चे को गोद में लेकर हाईकोर्ट की पांच मंजिला इमारत की छत पर चढ़ गई और कूदने की धमकी देने लगी। इस घटना ने पूरे परिसर में हड़कंप मचा दिया और देखते ही देखते वहां वकीलों, पुलिसकर्मियों और आम लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना शाम करीब 4 बजे की बताई जा रही है, जब गोंडा जिले की रहने वाली 23 वर्षीय रूपाली शर्मा अपने तीन महीने के बच्चे के साथ हाईकोर्ट परिसर के सी-ब्लॉक की छत पर पहुंच गई। छत पर खड़े होकर वह जोर-जोर से चिल्ला रही थी—“मुझे न्याय नहीं मिला, मैं कूद जाऊंगी।”

एक घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा

करीब एक घंटे तक यह हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। महिला की हालत बेहद भावनात्मक और तनावपूर्ण थी। नीचे खड़े लोग उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह लगातार रोते हुए आत्महत्या की धमकी देती रही।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और सीआरपीएफ की टीम मौके पर पहुंच गई। एहतियातन नीचे जाल भी बिछाया गया, ताकि अगर महिला कूदे तो उसकी जान बचाई जा सके। इस दौरान महिला सिपाहियों को छत पर भेजा गया, जिन्होंने बेहद धैर्य और समझदारी से महिला से बातचीत शुरू की।

सूझबूझ से बचाई गई जान

पुलिस टीम ने महिला को बातचीत में उलझाए रखा। जैसे ही उसका ध्यान कुछ पल के लिए भटका, एक महिला सिपाही ने तुरंत उसे पकड़कर सुरक्षित नीचे खींच लिया। इसके बाद उसे और उसके बच्चे को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई की काफी सराहना की जा रही है।

तलाक विवाद बना वजह

पुलिस के अनुसार, महिला का नाम रूपाली शर्मा है, जो गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र की रहने वाली है। करीब दो साल पहले उसने मोहम्मद साबिर नामक युवक से प्रेम विवाह किया था। यह शादी दोनों परिवारों की मर्जी के बिना हुई थी।

शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इसी दौरान महिला गर्भवती हो गई और बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया। पति-पत्नी के बीच लगातार बढ़ते विवाद के चलते महिला ने तलाक के लिए कोर्ट में अर्जी दी।

मिडिएशन में नहीं पहुंचता था पति

मामला पहले निचली अदालत में चला, जहां सुलह की कोशिशें की गईं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल पाया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जहां मिडिएशन की प्रक्रिया चल रही थी।

महिला का आरोप है कि उसका पति मिडिएशन में उपस्थित नहीं होता था, जिससे उसे बार-बार तारीख मिलती रही और न्याय में देरी होती रही। इसी बात से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।

वकील से मिलने आई थी हाईकोर्ट

बताया जा रहा है कि शुक्रवार को महिला अपने पति के वकील से मिलने हाईकोर्ट आई थी। बातचीत विफल होने के बाद वह अचानक अपने बच्चे के साथ छत पर चढ़ गई और आत्महत्या की धमकी देने लगी।

घटना के बाद क्या हुआ?

महिला को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद पुलिस ने उसे समझाया और काउंसलिंग की व्यवस्था की। फिलहाल महिला और उसके बच्चे की हालत सुरक्षित बताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

यह घटना न केवल व्यक्तिगत विवादों के मानसिक प्रभाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि समय पर संवाद और कानूनी प्रक्रिया में संवेदनशीलता कितनी जरूरी है। पुलिस की तत्परता और समझदारी ने एक बड़ी दुर्घटना टाल दी, लेकिन यह मामला समाज और न्याय व्यवस्था दोनों के लिए एक चेतावनी है।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Unity PG College में इंटर मूट कोर्ट प्रतियोगिता 2026 सम्पन्न

“अतीक अहमद जैसा हाल कर देंगे…” शंकराचार्य को मिली जानलेवा धमकी, बोले- डरना नहीं, लड़ाई जारी रहेगी