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दिल्ली वालों को बड़ी राहत! अब वीकेंड पर भी भर सकेंगे ट्रैफिक चालान, 4.3 करोड़ पेंडिंग केस निपटाने की तैयारी

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लाखों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए लोगों को केवल कार्यदिवसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। दिल्ली की जिला अदालतों ने ‘वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट’ शुरू करने का फैसला लिया है, जिससे पेंडिंग ट्रैफिक चालानों का तेजी से निपटारा किया जा सकेगा।

यह पहल दिल्ली की अदालतों पर बढ़ते मामलों के दबाव को कम करने और वाहन मालिकों को सुविधाजनक विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से करोड़ों लंबित चालानों के निपटारे की प्रक्रिया तेज होगी।

कब से शुरू होंगी वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिल्ली की सभी जिला अदालतों में वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट 5 जुलाई 2026 से शुरू होंगी।

ये अदालतें हर महीने के दूसरे शनिवार और सभी रविवार को संचालित की जाएंगी। अदालतों का समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया गया है।

सुविधा के लिए सुनवाई को दो स्लॉट में बांटा गया है—

  • सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
  • दोपहर 2:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक

इस व्यवस्था से नौकरीपेशा लोगों और सप्ताह के दौरान समय न निकाल पाने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलेगी।

चालान कैसे डाउनलोड करें?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने चालान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था उपलब्ध कराई है।

वाहन मालिक अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट से चालान स्लिप डाउनलोड कर सकेंगे।

यह सुविधा 25 जून 2026 की सुबह 10 बजे से शुरू होगी।

चालान डाउनलोड करते समय वाहन चालक को अपनी पसंद का—

  • कोर्ट परिसर
  • सुनवाई की तारीख
  • टाइम स्लॉट

चुनना होगा।

इसके बाद निर्धारित तारीख पर चालान की प्रिंटेड कॉपी लेकर संबंधित कोर्ट में उपस्थित होना होगा।

किन मामलों की होगी सुनवाई?

वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट में केवल शमनीय (Compoundable) ट्रैफिक अपराधों की सुनवाई की जाएगी।

ऐसे मामलों में जुर्माना जमा कर मामला समाप्त किया जा सकता है।

हालांकि गंभीर ट्रैफिक उल्लंघन और गैर-शमनीय (Non-Compoundable) मामलों की सुनवाई सामान्य अदालतों में ही जारी रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे छोटे और सामान्य ट्रैफिक मामलों का तेजी से निपटारा संभव होगा।

दिल्ली में चालानों का बढ़ता बोझ

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़े इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।

15 जून 2026 तक राजधानी में 4.3 करोड़ से अधिक ट्रैफिक चालान और नोटिस लंबित बताए गए हैं।

इनमें शामिल हैं—

  • 1 करोड़ से अधिक ऑन-द-स्पॉट चालान
  • लगभग 3.3 करोड़ कैमरों और ऑटोमैटेड सिस्टम से जारी नोटिस

इतनी बड़ी संख्या में लंबित मामलों के कारण अदालतों और प्रशासन पर भारी दबाव बना हुआ है।

वीकेंड कोर्ट व्यवस्था को इसी समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पहले से मौजूद विकल्प भी रहेंगे जारी

सरकार और न्यायपालिका ने स्पष्ट किया है कि वीकेंड कोर्ट शुरू होने के बाद भी मौजूदा सुविधाएं बंद नहीं की जाएंगी।

वाहन चालकों के पास पहले की तरह निम्न विकल्प उपलब्ध रहेंगे—

वर्चुअल कोर्ट

योग्य मामलों का ऑनलाइन निपटारा 24 घंटे किया जा सकेगा।

इवनिंग कोर्ट

कार्यदिवसों में शाम 5 बजे से 7 बजे तक सुनवाई जारी रहेगी।

लोक अदालत

समय-समय पर बड़ी संख्या में मामलों के निपटारे के लिए लोक अदालतों का आयोजन भी किया जाएगा।

वाहन चालकों को क्या फायदा होगा?

विशेषज्ञों के अनुसार नई व्यवस्था से लोगों को छुट्टी लेने की जरूरत कम होगी। सप्ताहांत में चालान निपटाने का विकल्प मिलने से समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।

इसके अलावा अदालतों में लंबित मामलों का दबाव भी कम होगा, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सकेगी।

दिल्ली में शुरू होने जा रही वीकेंड ट्रैफिक कोर्ट व्यवस्था वाहन चालकों और न्यायिक प्रणाली दोनों के लिए राहत का बड़ा कदम साबित हो सकती है। करोड़ों लंबित चालानों के बीच यह पहल न केवल मामलों के त्वरित निपटारे में मदद करेगी, बल्कि नागरिकों को सुविधाजनक और पारदर्शी प्रक्रिया भी उपलब्ध कराएगी।

News Desk

Written by News Desk

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