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मोबाइल की EMI ने तोड़ दिया हौसला! यमुना में कूदा युवक, पुलिस ने समय रहते बचाई जान

नई दिल्ली। महंगे मोबाइल फोन की किस्तों का बढ़ता बोझ और आर्थिक तंगी एक युवक को इस कदर परेशान करने लगी कि उसने अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश कर डाली। दिल्ली में यमुना नदी के भोला घाट, कालिंदी पुल के पास एक युवक ने कथित तौर पर नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर गश्त कर रही कालिंदी कुंज थाना पुलिस की तत्परता से युवक की जान बचा ली गई।

घटना शुक्रवार रात करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने आसपास मौजूद लोगों को शोर मचाते हुए सुना। लोगों ने बताया कि एक युवक यमुना में कूद गया है। सूचना मिलते ही पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए घटनास्थल की ओर रुख किया।

लोगों की आवाज सुनते ही दौड़ी पुलिस

गश्त पर तैनात हवलदार शिवम और सिपाही आनंद गौतम तुरंत मौके पर पहुंचे। यमुना में तेज बहाव के बीच युवक को बचाने के लिए पुलिस ने तत्काल बाढ़ विभाग के कर्मचारियों से संपर्क किया और नाव की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कराया।

कुछ ही देर में पुलिस टीम को पानी में एक युवक डूबता हुआ दिखाई दिया। पुलिस और बचाव दल ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे पानी से बाहर निकाल लिया। समय पर हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन की वजह से युवक की जान बच गई।

बचाए गए युवक की पहचान 30 वर्षीय दीपक कुमार के रूप में हुई है। वह संजय कॉलोनी, ओखला फेज-2 का रहने वाला बताया गया है।

कम आमदनी और EMI का बढ़ता बोझ

पुलिस की पूछताछ में दीपक ने बताया कि वह पेशे से डांस टीचर है और साथ ही माली का काम भी करता है। पिछले कुछ समय से उसकी आमदनी कम हो गई थी। इसी वजह से वह अपने मोबाइल फोन की EMI समय पर नहीं चुका पा रहा था।

बताया गया कि मोबाइल फोन उसने अपनी जरूरत और शौक के लिए लिया था, लेकिन बाद में उसकी मासिक किस्तें आर्थिक परेशानी का कारण बन गईं। आमदनी कम होने के बावजूद EMI का दबाव लगातार बना रहा। धीरे-धीरे आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव बढ़ता गया।

पुलिस के अनुसार, इसी तनाव के बीच दीपक ने यमुना में छलांग लगाने का फैसला किया।

पुलिस की तत्परता से बची जिंदगी

इस घटना में सबसे अहम बात यह रही कि पुलिस टीम समय रहते मौके पर पहुंच गई। अगर बचाव अभियान में थोड़ी भी देरी होती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिसकर्मियों ने बाढ़ विभाग की टीम के साथ मिलकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला।

रेस्क्यू के बाद पुलिस ने युवक से बातचीत की और उसकी परेशानी को समझने की कोशिश की। अधिकारियों ने उसे समझाया कि आर्थिक परेशानियां कठिन जरूर होती हैं, लेकिन उनके समाधान के रास्ते तलाशे जा सकते हैं।

परिवार के साथ भेजा गया युवक

दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के अनुसार, युवक को समझाने के साथ-साथ उसे परामर्श भी दिया गया। इसके बाद उसे उसकी पत्नी और साले के साथ सुरक्षित घर भेज दिया गया।

पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ एक युवक की जान बचाई, बल्कि यह भी दिखाया कि संकट की स्थिति में समय पर हस्तक्षेप कितना महत्वपूर्ण हो सकता है।

EMI का दबाव बन सकता है बड़ा मानसिक तनाव

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि बढ़ती आर्थिक जरूरतों और आसान किस्तों के बीच लोग अपनी वास्तविक भुगतान क्षमता का आकलन कितना करते हैं। महंगे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामान या अन्य वस्तुओं को EMI पर खरीदना आसान लग सकता है, लेकिन नियमित आय कम होने पर वही किस्तें परेशानी का कारण बन सकती हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आर्थिक संकट के दौरान व्यक्ति को अकेले समस्या से जूझने के बजाय परिवार, दोस्तों या भरोसेमंद लोगों से बात करनी चाहिए। गंभीर तनाव की स्थिति में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ की मदद लेना भी महत्वपूर्ण है।

दीपक के मामले में समय पर पुलिस की मौजूदगी और बचाव अभियान ने उसे सुरक्षित बचा लिया। इसके बाद परिवार के साथ उसकी काउंसलिंग भी कराई गई।

मोबाइल की EMI और आर्थिक तंगी से परेशान दीपक ने यमुना में छलांग लगाकर अपनी जिंदगी खत्म करने की कोशिश की, लेकिन कालिंदी कुंज पुलिस की तत्परता से उसकी जान बच गई। यह घटना बताती है कि आर्थिक परेशानी कितनी भी बड़ी क्यों न हो, संकट के समय मदद मांगना और परिवार या भरोसेमंद लोगों से बात करना बेहद जरूरी है।

News Desk

Written by News Desk

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