भारत: के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने हाल ही में अपने पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे पूरे देश की राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन विपक्ष इसे सिर्फ एक दिखावटी वजह बता रहा है।
मार्च में दिल्ली एम्स में कराया था इलाज, स्टेंट लगा
सूत्रों के अनुसार, मार्च 2025 में दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) में उपराष्ट्रपति धनखड़ को भर्ती कराया गया था। उन्हें ब्लड प्रेशर असंतुलन, लगातार चक्कर आने, और लंबे समय तक खड़े रहकर बोलने में दिक्कत की शिकायत थी। मेडिकल जांच में सामने आया कि उनकी धमनियों में ब्लॉकेज है, जिसके बाद एक स्टेंट डाला गया।
उत्तराखंड में बिगड़ी थी तबीयत, फिर आया इस्तीफा
हाल ही में, उत्तराखंड यात्रा के दौरान भी उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। चश्मदीदों के मुताबिक, उन्हें खड़े रहने में मुश्किल हो रही थी और वे अत्यधिक थके हुए नजर आ रहे थे। इसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूरी बनानी शुरू कर दी थी।
विपक्ष ने जताई शंका: क्या है इस्तीफे के पीछे असली वजह?
जहां धनखड़ के इस्तीफे को BJP ने स्वास्थ्य से जुड़ा निजी फैसला बताया है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे राजनीतिक दबाव या भीतरी कलह से जोड़कर देखा है। कुछ नेताओं का कहना है कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जे.पी. नड्डा और शिवराज सिंह चौहान के साथ कुछ मुद्दों पर विचारों में मतभेद था।
एम्स की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई
गौर करने वाली बात यह है कि एम्स द्वारा धनखड़ की स्वास्थ्य रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है। इससे लोगों के मन में और भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस्तीफे के पीछे केवल स्वास्थ्य कारण हैं या कुछ और भी राजनीतिक रणनीति छिपी है।
नए उपराष्ट्रपति की रेस में कौन?
धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब नए उपराष्ट्रपति की रेस शुरू हो गई है। राजनाथ सिंह, हरिवंश नारायण सिंह, और एस. जयशंकर जैसे नेताओं के नाम चर्चाओं में हैं। हालांकि अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।
निष्कर्ष:
उपराष्ट्रपति धनखड़ का अचानक इस्तीफा देना केवल एक व्यक्तिगत निर्णय है या इसके पीछे कुछ राजनीतिक मजबूरियां, इस पर फिलहाल पर्दा है। लेकिन एक बात तय है कि यह घटनाक्रम आने वाले हफ्तों में भारतीय राजनीति की दिशा को प्रभावित कर सकता है।


