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उपराष्ट्रपति पद की रेस शुरू: जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद चुनाव प्रक्रिया तेज, कौन होगा अगला उपराष्ट्रपति?

राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी बने निर्वाचन अधिकारी, विपक्ष संयुक्त उम्मीदवार उतारने की तैयारी में, भाजपा जल्द करेगी नाम का एलान

नई दिल्ली: देश के उच्च संवैधानिक पद उपराष्ट्रपति के लिए नई रेस शुरू हो चुकी है। जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे के बाद चुनाव आयोग ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों को गति दे दी है।

निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी को चुनाव प्रक्रिया के लिए निर्वाचन अधिकारी नियुक्त किया है। साथ ही गरिमा जैन और विजय कुमार को सहायक निर्वाचन अधिकारी बनाया गया है।

अब देश की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कौन धनखड़ का उत्तराधिकारी बनेगा — एनडीए का अनुभवी नेता या विपक्ष का संयुक्त चेहरा?


धनखड़ का इस्तीफा: स्वास्थ्य या नाराजगी?

धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपना पद छोड़ा, जबकि उनका कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक था।

हालांकि, विपक्षी दलों का दावा है कि इस्तीफा सरकार की कार्यशैली और रवैये से असहमति के कारण हुआ है, जिसे वह चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।


निर्वाचन अधिकारी नियुक्त, जल्द आएगा शेड्यूल

  • निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के तहत नियुक्तियां की हैं।
  • पिछली बार लोकसभा महासचिव निर्वाचन अधिकारी थे, इस बार राज्यसभा महासचिव पीसी मोदी यह जिम्मेदारी निभाएंगे।
  • चुनाव की तारीख और अधिसूचना कुछ दिनों में जारी की जाएगी।

विपक्ष की रणनीति: संयुक्त उम्मीदवार से सियासी संदेश

सूत्रों के मुताबिक, विपक्ष इस बार भी संयुक्त उम्मीदवार के साथ मैदान में उतरने की तैयारी में है।
पिछली बार उन्होंने मार्गरेट अल्वा को प्रत्याशी बनाया था।

इस बार विपक्ष धनखड़ के इस्तीफे को सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न के रूप में पेश कर रहा है, ताकि चुनाव को राजनीतिक संदेश के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके।


बीजेपी का गणित: वोटों में भारी बढ़त

  • कुल सांसद: 782
  • जीत के लिए जरूरी वोट: 392
  • लोकसभा (543): बीजेपी के पास 293
  • राज्यसभा (240): एनडीए के पास 130

यानि संख्याबल में बीजेपी और एनडीए गठबंधन का पलड़ा भारी है।


बीजेपी का मंथन: विचारधारा पर जोर या प्रयोग दोहराव?

भाजपा इस बार संगठनात्मक निष्ठा और वैचारिक प्रतिबद्धता वाले नेता को प्राथमिकता देने पर विचार कर रही है।
सूत्रों की मानें तो, पार्टी इस बार धनखड़ की तरह बाहर से आए चेहरा नहीं बल्कि पार्टी के वरिष्ठ और समर्पित नेता को मैदान में उतार सकती है।


हरिवंश बन सकते हैं सरप्राइज पैकेज?

जदयू सांसद हरिवंश, जो राज्यसभा के उपसभापति रह चुके हैं, का नाम भी चर्चा में है।
उन्होंने अपने कार्यकाल में सत्ता पक्ष का भरोसा और विपक्ष का सम्मान दोनों हासिल किया है।


निष्कर्ष:

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के साथ ही देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद के लिए सियासी बिसात बिछ चुकी है।
बीजेपी का संख्याबल मजबूत है, लेकिन विपक्ष भी राजनीतिक संकेत देने की रणनीति बना रहा है।

अगले कुछ दिनों में चुनाव की तारीख तय होते ही नामों की आधिकारिक घोषणा शुरू होगी और देश को मिलेगा नया उपराष्ट्रपति, जो न सिर्फ उच्च सदन का सभापति होगा, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी संतुलन का प्रतीक बनेगा।

News Desk

Written by News Desk

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