नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर देश की चुनाव प्रणाली पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एनुअल लीगल कॉन्क्लेव 2025 में बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा, “भारत का इलेक्शन सिस्टम अब मर चुका है।” उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव 2024 में व्यापक स्तर पर धांधली हुई और “हम आने वाले कुछ दिनों में इसके पूरे सबूत देश के सामने रखेंगे।”
राहुल गांधी पिछले 10 दिनों में तीसरी बार चुनाव आयोग और EVM प्रक्रिया पर सवाल उठा चुके हैं। इस बार उनके तेवर और भी सख्त नजर आए।
राहुल का आरोप:
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तभी पीएम बन पाए क्योंकि सीटों पर धांधली हुई। हम दिखाएंगे कि किस तरह से लोकतंत्र को कमजोर किया गया। भारत अब चुनावी लोकतंत्र नहीं रहा। यह प्रक्रिया दिखावटी हो चुकी है।”
उन्होंने यह भी कहा कि विपक्षी पार्टियों को सुनियोजित ढंग से चुनावों में कमजोर किया गया और इसमें सरकारी तंत्र की भूमिका भी रही।
राजनाथ सिंह का पलटवार:
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा,
“अगर राहुल गांधी के पास सबूतों का एटम बम है तो तुरंत फोड़ दें। लोकतंत्र में आरोपों की नहीं, तथ्यों की ज़रूरत होती है। देश की जनता हर बार सही फैसला करती है और अब हार को पचाना कांग्रेस के लिए मुश्किल हो गया है।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं:
-
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल को “शिकायत दर दर भटकने वाला नेता” बताया और कहा कि कांग्रेस नेतृत्व अब चुनावी असफलता से बौखलाया हुआ है।
-
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने राहुल का समर्थन करते हुए कहा कि, “देश का लोकतंत्र खतरे में है और राहुल गांधी इस सच्चाई को उजागर कर रहे हैं।”
विशेषज्ञों की राय:
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की यह रणनीति 2029 की तैयारी की ओर इशारा कर रही है, जहां वे पहले से ही चुनाव प्रणाली की वैधता को मुद्दा बना रहे हैं।
निष्कर्ष:
राहुल गांधी के बयान ने एक बार फिर चुनाव आयोग और लोकतंत्र की निष्पक्षता पर बहस छेड़ दी है। अब सबकी निगाहें राहुल के आगामी “सबूतों” पर टिकी हैं। यदि कांग्रेस अपने दावों को पुख्ता तथ्यों के साथ प्रस्तुत कर पाती है, तो यह देश की चुनाव प्रणाली पर एक बड़ी बहस को जन्म दे सकता है। वहीं भाजपा इसे विपक्ष की हताशा करार दे रही है।


