नई दिल्ली/मॉस्को |
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज़ हो गई है। हालांकि, यात्रा की कोई आधिकारिक तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की रूस यात्रा और वहां हुई उच्चस्तरीय वार्ताओं ने इस संभावित दौरे की भूमि तैयार कर दी है।
???? डोभाल की शोइगु से मुलाकात, रक्षा और ऊर्जा पर चर्चा
गुरुवार को अजीत डोभाल ने रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से महत्वपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय रक्षा और ऊर्जा सहयोग को लेकर बातचीत हुई। NSA डोभाल बुधवार को ही मॉस्को पहुंचे थे और बताया जा रहा है कि इस यात्रा का एक उद्देश्य राष्ट्रपति पुतिन की संभावित भारत यात्रा की तैयारियां भी हैं।
???? ‘अगस्त के अंत’ की खबर गलत, तारीख पर अभी विचार चल रहा है
डोभाल की बैठकों में यह स्पष्ट किया गया कि अगस्त के अंत में पुतिन के भारत दौरे की खबरें गलत हैं। फिलहाल यात्रा की तारीखों पर विचार-विमर्श जारी है। ऐसे में इस वर्ष के अंत तक पुतिन का भारत दौरा संभव माना जा रहा है।
????️ शोइगु बोले – “नेताओं की अगली पूर्ण वार्ता जरूरी”
रूसी सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु ने कहा कि,
“भारत और रूस के बीच बहु-स्तरीय, विश्वास-आधारित राजनीतिक संवाद कायम है। यह पुतिन और मोदी के बीच नियमित संपर्कों पर आधारित है। अब समय है कि इन दोनों नेताओं के बीच अगली पूर्ण वार्ता की तारीखें तय की जाएं।”
???? सहयोग की प्राथमिकताएं: ऊर्जा, रक्षा, वैश्विक स्थिरता
शोइगु ने यह भी कहा कि रूस और भारत विशेष रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने को लेकर प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि यह साझेदारी आपसी सम्मान, विश्वास और वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण पर आधारित है।
डोभाल और शोइगु ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साझा सहयोग, न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था और आधुनिक चुनौतियों से संयुक्त रूप से निपटने की प्रतिबद्धता जताई।
???? क्या है अमेरिका कनेक्शन?
इस यात्रा का एक भू-राजनीतिक आयाम भी है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से शुरू की गई टैरिफ वॉर और रूस से तेल खरीद पर भारत पर डाले जा रहे दबाव के बीच, यह वार्ता और संभावित यात्रा कूटनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है।
????️ डोभाल ने जताई उम्मीद: ठोस परिणाम की ओर बढ़ रही वार्ता
NSA डोभाल ने उम्मीद जताई कि आगामी शिखर वार्ता से भारत-रूस संबंधों में नई दिशाएं मिलेंगी और इससे व्यावहारिक, ठोस परिणाम सामने आएंगे। TASS समाचार एजेंसी के अनुसार, डोभाल ने शिखर सम्मेलन को “बिल्डिंग ब्लॉक ऑफ रिलेशनशिप” की तरह बताया।
???? भारत-रूस संबंधों का संक्षिप्त विश्लेषण
| प्रमुख क्षेत्र | वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| रक्षा | ब्रह्मोस, सुखोई जैसे संयुक्त प्रोजेक्ट |
| ऊर्जा | रूसी तेल-गैस पर भारत की निर्भरता बढ़ी |
| कूटनीति | UN और SCO जैसे मंचों पर सहयोग |
| व्यापार | 2024 में द्विपक्षीय व्यापार 49 अरब डॉलर पार |
???? निष्कर्ष:
हालांकि अभी तक पुतिन की भारत यात्रा की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन अजीत डोभाल की मॉस्को यात्रा ने साफ संकेत दे दिए हैं कि भारत और रूस आने वाले महीनों में बड़ी राजनीतिक और रणनीतिक वार्ता की ओर बढ़ रहे हैं। दुनिया की बदलती राजनीति के बीच यह सहयोग एशियाई शक्ति संतुलन और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत अहम साबित हो सकता है।


