वाशिंगटन/नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता पर बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक व्यापार समझौते पर बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया है।
ट्रंप का स्पष्ट संदेश
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या 50% टैरिफ के बाद व्यापार वार्ता में प्रगति की उम्मीद है, तो उन्होंने सीधे शब्दों में कहा —
“नहीं, जब तक हम इस मुद्दे का समाधान नहीं कर लेते, तब तक कोई उम्मीद नहीं है।”
पांच दौर की वार्ता के बाद भी समझौता नहीं
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत फरवरी में ट्रंप के राष्ट्रपति पद संभालने के करीब एक महीने बाद शुरू हुई थी। भारत उन पहले देशों में था जिसने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को प्राथमिकता दी।
पांच महीनों में पांच दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
25 अगस्त को भारत आएगी अमेरिकी टीम
छठे दौर की वार्ता के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल 25 अगस्त को भारत आने वाला है। यह दौरा उस समय हो रहा है जब अतिरिक्त टैरिफ 27 अगस्त से लागू होने वाला है।
अतिरिक्त टैरिफ का कारण
अमेरिका ने यह अतिरिक्त 25% टैरिफ रूस से तेल खरीद जारी रखने के चलते लगाया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत ऐसा करके यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद कर रहा है।
पहले 25% टैरिफ 7 अगस्त से लागू किया गया था, जबकि नया टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा। इसके बाद कुछ छूट प्राप्त वस्तुओं को छोड़कर भारतीय सामान पर कुल 50% शुल्क लगेगा।
भारत की कड़ी प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के इस कदम को अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण बताया। मंत्रालय का कहना है कि भारत का ऊर्जा आयात पूरी तरह बाजार कारकों पर आधारित है और इसका उद्देश्य देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
भारत ने कहा है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
वार्ता के लिए दरवाजा आधा खुला
हालांकि, ट्रंप ने अतिरिक्त टैरिफ की घोषणा के बावजूद बातचीत के विकल्प को पूरी तरह बंद नहीं किया है। पहले भी उन्होंने प्रारंभिक टैरिफ लागू करने की तारीख आगे बढ़ाई थी, जिससे संकेत मिलता है कि वार्ता की गुंजाइश अब भी मौजूद है।
???? मुख्य बिंदु – एक नजर में
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टैरिफ विवाद: कुल 50% शुल्क, जिसमें 25% अतिरिक्त टैरिफ शामिल
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कारण: रूस से तेल आयात
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वार्ता की स्थिति: पांच दौर हो चुके, छठा दौर 25 अगस्त से
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भारत का रुख: राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं
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अमेरिका का संदेश: टैरिफ मुद्दा सुलझे बिना वार्ता नहीं


