चेन्नई / नई दिल्ली: भारत के थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान के साथ संभावित युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया है। IIT मद्रास में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा
“अगला युद्ध जल्द हो सकता है। हमें उसी के मुताबिक तैयारी करनी होगी और इस बार हमें यह लड़ाई मिलकर लड़नी होगी।”
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्र सरकार ने भारतीय सेना को “फ्रीहैंड” दिया था।
ऑपरेशन सिंदूर पर जनरल द्विवेदी के खुलासे
जनरल द्विवेदी ने बताया कि 25 अप्रैल को उत्तरी कमान के दौरे के दौरान ऑपरेशन की प्लानिंग की गई थी। इसमें 9 में से 7 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया, जिनमें कई आतंकवादी मारे गए।
29 अप्रैल को पीएम मोदी से मुलाकात में ऑपरेशन सिंदूर की प्रगति साझा की गई। उन्होंने कहा —
“ऑपरेशन सिंदूर ने पूरे देश को जोड़ा और प्रेरित किया। लोग पूछ रहे थे कि इसे क्यों रोका गया।”
क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
7 मई की रात डेढ़ बजे भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की थी। इन ठिकानों में लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का ठिकाना शामिल था।
भारतीय सेना के मुताबिक, इस स्ट्राइक में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे।
‘अग्निशोध’ से सेना में तकनीकी मजबूती
IIT मद्रास में ‘अग्निशोध’ — इंडियन आर्मी रिसर्च सेल (IARC) का उद्घाटन करते हुए द्विवेदी ने कहा कि यह डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य सैनिकों को एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, क्वांटम कंप्यूटिंग, वायरलेस कम्युनिकेशन और अनमैन्ड सिस्टम जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना है।
एयरफोर्स चीफ का दावा — पाकिस्तान के 5 जेट मार गिराए
उसी दिन बेंगलुरु में एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा —
“ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान के 5 लड़ाकू विमान गिराए गए और एक सर्विलांस एयरक्राफ्ट को 300 किमी दूर से मार गिराया गया। यह सतह से हवा में टारगेट हिटिंग का रिकॉर्ड है।”
उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को भेद नहीं सका।
पाकिस्तान की सफाई और आरोप
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारतीय दावों को “झूठा” बताते हुए कहा —
“भारतीय सैनिकों को भारी नुकसान हुआ और कई विमान खोए गए। अगर सच जानना है तो दोनों देश अपने विमान भंडार स्वतंत्र जांच के लिए खोलें।”
उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक फायदे के लिए झूठे दावे दोनों देशों के लिए खतरनाक हैं, क्योंकि दोनों के पास परमाणु हथियार हैं।
नतीजा
आर्मी चीफ का यह बयान भारत-पाक संबंधों में बढ़ते तनाव और भविष्य में संभावित टकराव के संकेत देता है। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और ‘अग्निशोध’ जैसी पहलें यह दर्शाती हैं कि भारतीय सेना न सिर्फ पारंपरिक युद्ध के लिए बल्कि तकनीकी मोर्चे पर भी तैयार हो रही है।


