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जम्मू-कश्मीर: कुपवाड़ा में LoC पर सेना ने दो आतंकी ढेर किए, 8 दिन में दूसरा एनकाउंटर

केरन सेक्टर में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे आतंकी; शव सीमा के नजदीक, पहचान की प्रक्रिया जारी; हाल के दिनों में कई एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई की

कुपवाड़ा (जम्मू-कश्मीर)। जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों पर सेना का सख्त अभियान जारी है। ताजा मामले में कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भारतीय सेना ने रविवार को दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया। ये आतंकी नियंत्रण रेखा (LoC) पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे।

सूत्रों के मुताबिक, दोनों आतंकियों के शव LoC के बहुत करीब पड़े हैं। चूंकि सीमा पार से गोलीबारी का खतरा मौजूद है, इसलिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें निकालने का अभियान चलाया जा रहा है। मारे गए आतंकियों की पहचान और उनके संगठन से जुड़ी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

8 दिन में दूसरा एनकाउंटर

यह एनकाउंटर पिछले 8 दिनों में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। इससे पहले 20 सितंबर को उधमपुर में आतंकियों से मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान लांस दफादार बलदेव चंद शहीद हो गए थे, जबकि एसपीओ समेत दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे। यह मुठभेड़ दूदू-बसंतगढ़ और डोडा के भद्रवाह इलाके के सोजधार जंगलों में हुई थी।

हाल के बड़े एनकाउंटर

  • 8 सितंबर – कुलगाम एनकाउंटर: ऑपरेशन गुड्‌डर के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकी मारे गए थे। इस दौरान कैथल के लांसनायक नरेंद्र सिंधु और उत्तर प्रदेश के पैरा कमांडो प्रभात गौड़ शहीद हो गए थे। मारे गए आतंकियों में शोपियां का रहने वाला आमिर अहमद डार और एक विदेशी आतंकी रहमान भाई शामिल था।
  • 26 अगस्त – गुरेज सेक्टर: सेना ने दो आतंकियों को मार गिराया था। इनमें से एक की पहचान बागू खान के रूप में हुई, जिसे ‘ह्यूमन GPS’ कहा जाता था। वह 1995 से 100 से अधिक घुसपैठ की कोशिशों में शामिल रहा था।
  • 1 से 12 अगस्त – कुलगाम ऑपरेशन अखल: यह ऑपरेशन लगभग 12 दिनों तक चला, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी हारिस डार मारा गया था। वह पुलवामा का निवासी था।

सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी निगरानी

पिछले कुछ महीनों से जम्मू-कश्मीर में लगातार घुसपैठ की कोशिशें बढ़ी हैं। सुरक्षा एजेंसियां LoC और घाटी के इलाकों में चौकसी और तलाशी अभियान तेज कर चुकी हैं। सेना के अधिकारियों का कहना है कि आतंकियों को हर हाल में सीमा पार से भारत में दाखिल होने से रोका जाएगा।


निष्कर्ष:
कुपवाड़ा में हुआ यह एनकाउंटर इस बात का सबूत है कि भारतीय सेना और सुरक्षा बल आतंकियों की किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। हाल के एनकाउंटर से साफ है कि आतंकी संगठनों की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन सुरक्षाबल उन्हें हर मोर्चे पर मात दे रहे हैं।

News Desk

Written by News Desk

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