मध्य प्रदेश: के रतलाम जिले में दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ, जिसमें पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सभी मृतक एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। तेज रफ्तार एक्सयूवी कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
शादी समारोह से लौटते समय हुआ हादसा
ये सभी लोग उत्तर प्रदेश के सादुल्लाहनगर क्षेत्र के जिगना गांव में एक रिश्तेदार के बेटे और बेटी की शादी में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। गुरुवार देर रात शादी के कार्यक्रम संपन्न होने के बाद शुक्रवार सुबह कार यात्रा पर निकली थी।
मृतक परिवार बलरामपुर और मुंबई के रहने वाले थे।
इनमें शामिल थे—
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गुलाम रसूल (70) – मुंबई में रहकर निजी व्यवसाय करते थे
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खालिद उर्फ पप्पू (30) – गुलाम रसूल के बेटे, कार चला रहे थे
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दानिश (35) – चचेरा पोता
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गुलाम मोइनुद्दीन (8) – दानिश का बेटा
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दुरेश (30) – मुंबई का पारिवारिक रिश्तेदार
सभी लोग पहले दानिश और बच्चे को बड़ौदा छोड़ने वाले थे, इसके बाद बाकी लोग मुंबई की ओर जाते।
कैसे हुआ हादसा?
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर रतलाम के पास तेज रफ्तार एक्सयूवी कार अचानक अनियंत्रित हो गई और सीधे खाई में जा गिरी।
हादसा इतना भयंकर था कि—
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कार लौहे के ढांचे में बदल गई,
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शव निकालने में पुलिस और रेस्क्यू टीम को कई घंटों की मशक्कत करनी पड़ी,
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मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
परिवार में कोहराम, रिश्तेदार रतलाम के लिए रवाना
दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
मृतक गुलाम रसूल के भाई मकसूद चौधरी ने बताया—
“हमें हादसे की खबर मिली है। हम मुंबई में हैं और परिजनों के साथ तुरंत रतलाम के लिए रवाना हो रहे हैं।”
स्थानीय पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच जारी है।
एक्सप्रेसवे पर हादसे बढ़ रहे, प्रशासन अलर्ट पर
दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे पर हाल के महीनों में लगातार तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण कई बड़े हादसे हुए हैं। रतलाम में हुए इस बड़े हादसे ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।
निष्कर्ष:
रतलाम का यह भीषण सड़क हादसा कई परिवारों को उजाड़ गया। शादी की खुशी मातम में बदल गई और पांच लोगों की एक साथ मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। एक्सप्रेसवे पर अनियंत्रित गति लगातार जानलेवा साबित हो रही है, जिससे पुलिस और प्रशासन को सुरक्षा उपायों को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हो रही है। मृतकों के परिजनों पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरा इलाका शोक में डूबा हुआ है।


