अमृतसर/पटियाला। पंजाब की राजनीति में मंगलवार को उस वक्त हलचल मच गई, जब शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया करीब 7 महीने बाद नाभा जेल से बाहर आए। जेल से बाहर निकलते ही अपने चिर-परिचित अंदाज में चश्मा पहनकर और मूंछों पर ताव देते हुए मजीठिया ने समर्थकों का अभिवादन किया और सीधे मुख्यमंत्री भगवंत मान व अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला।
“जितना दबाया, उतनी ताकत मिली”
समर्थकों को संबोधित करते हुए मजीठिया ने कहा—
“जितना सरकार ने मुझे दबाने की कोशिश की, उतनी ही ताकत मुझे मिली। अब दिल्ली के हुक्मरानों से ईंट से ईंट टकरानी है।”
उन्होंने चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा—
“जेल में भी मैं भगवंत मान और केजरीवाल के नाम वाला तकिया गोड्डे के नीचे रखकर सोता था।”
सरकार पर गंभीर आरोप
मजीठिया ने कहा कि सरकार चाहती थी कि वह जिंदा बाहर न आएं।
उन्होंने आरोप लगाया—
“मान का बस चलता तो वह मुझे भी मरवा देता, जैसे सिद्धू मूसेवाला को मरवाया।”
उन्होंने दावा किया कि जेल में उनके लिए 32 कैमरे लगाए गए, जिनका दुरुपयोग किया गया। इसे लेकर वे हाईकोर्ट जाने की बात भी कह चुके हैं।
“मजीठिया न रुकेगा, न झुकेगा”
अकाली नेता ने दो टूक कहा—
“मेरे अधिकारों का हनन हुआ है, लेकिन न मजीठिया रुकेगा और न झुकेगा। पंजाब के किसान, मजदूर और कानून-व्यवस्था की बात पूरी ताकत से उठाऊंगा।”
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान को तंज कसते हुए कहा—
“मैंने तो तरी वाले बैंगन खाकर गुजारा कर लिया, तेरा क्या होगा सांबा?”
पत्नी और संगत का जताया आभार
मजीठिया ने अपनी पत्नी गनीव कौर का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि उन्हें बहुत परेशान किया गया, जो पंजाब की परंपरा नहीं है।
उन्होंने संत-महापुरुषों, डेरा ब्यास के मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो और संगत का भी आभार जताया।
जमानत के बाद गुरुद्वारा पहुंचे
समर्थकों को संबोधित करने के बाद मजीठिया पटियाला स्थित गुरुद्वारा साहिब पहुंचे और माथा टेका। अकाली दल प्रवक्ता अर्शदीप कलेर के अनुसार, वे अमृतसर या चंडीगढ़ भी जा सकते हैं।
आय से अधिक संपत्ति केस में थे जेल में
बिक्रम मजीठिया आय से अधिक संपत्ति मामले में नाभा जेल में बंद थे। सोमवार को उन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली, जिसके बाद मंगलवार को उनकी रिहाई हुई।
बिक्रम मजीठिया की रिहाई के साथ ही पंजाब की राजनीति में सियासी पारा फिर चढ़ गया है। जेल से बाहर आते ही उनके आक्रामक तेवर साफ संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में आम आदमी पार्टी और अकाली दल के बीच सियासी टकराव और तेज होगा। मजीठिया ने साफ कर दिया है—यह सिर्फ शुरुआत है।


