नई दिल्ली। बजट सत्र के दौरान संसद में सियासी टकराव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया। लोकसभा के बजट सत्र के 9वें दिन सदन की कार्यवाही महज 13 मिनट में ही स्थगित करनी पड़ी। वजह बनी विपक्ष की ओर से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने न दिए जाने को लेकर जोरदार हंगामा।
राहुल गांधी का सीधा सवाल
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राहुल गांधी ने कहा कि
“एक घंटे पहले हम स्पीकर के पास गए थे। स्पीकर ने कमिट किया था कि मुझे बजट डिस्कशन से पहले बोलने दिया जाएगा। आप मुझे बोलने नहीं दे रही हैं। मैं आपसे पूछना चाहता हूं—क्या आप मुझे बोलने देंगी या नहीं?”
उस समय आसंदी पर भाजपा सांसद संध्या राय बैठी थीं।
रिजिजू ने कमिटमेंट से किया इनकार
राहुल गांधी के दावे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तुरंत जवाब दिया। उन्होंने कहा कि
“मैं भी स्पीकर के केबिन में मौजूद था। ऐसा कोई कमिटमेंट नहीं किया गया था।”
संध्या राय ने राहुल गांधी से कहा कि
“आपकी ओर से किसी अन्य विषय पर कोई नोटिस नहीं दिया गया है। यदि आप बजट पर बोलना चाहते हैं, तो बोल सकते हैं।”
विपक्ष का हंगामा, सदन स्थगित
इसके बाद विपक्षी सांसदों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। हालात बिगड़ते देख लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 2 बजे तक और फिर मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की चर्चा
इस बीच विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहा है।
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, इस प्रस्ताव को लाने के लिए
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कम से कम 50 सांसदों का समर्थन जरूरी है
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14 दिन पहले लिखित नोटिस देना अनिवार्य होता है
प्रियंका गांधी का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि
“स्पीकर पर इतना दबाव है कि उन्हें खुद बयान देना पड़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी की हिम्मत नहीं हुई कि वे सदन में आएं, इसलिए स्पीकर से सफाई दिलवाई जा रही है। यह महिला सांसदों का अपमान है।”
राज्यसभा में भी हंगामा
लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्ष ने वॉकआउट किया। नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की अनुमति न मिलने पर विपक्षी दलों ने सदन से बहिर्गमन किया।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि
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सरकार संसद नहीं चलाना चाहती
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पीएम केयर फंड, विदेश नीति और अमेरिका से जुड़े मुद्दों पर सवालों से बचा जा रहा है
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सांसदों को जानबूझकर बोलने नहीं दिया जा रहा
बजट सत्र के बीच राहुल गांधी को बोलने देने को लेकर उपजा यह विवाद संसद की कार्यवाही को बार-बार ठप कर रहा है। विपक्ष इसे लोकतंत्र और अभिव्यक्ति के अधिकार से जोड़कर देख रहा है, जबकि सरकार नियमों का हवाला दे रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विपक्ष वाकई लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा या मामला सियासी बयानबाजी तक ही सीमित रहेगा।


