लखनऊ: में उस समय माहौल गरमा गया जब विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यकर्ताओं ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद कूच का ऐलान करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ता हाथों में भगवा झंडा, फावड़ा और कुल्हाड़ी लेकर गोमती नगर स्थित संगठन के विशाल खंड-2 कार्यालय पर जुटे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें पश्चिम बंगाल जाने से पहले ही रोक दिया और कार्यालय के बाहर ही प्रदर्शन सीमित कर दिया।
संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने करीब दो घंटे तक नारेबाजी की। इस दौरान 15 गाड़ियों के काफिले के साथ बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन के बाद संगठन की ओर से पुलिस को ज्ञापन सौंपा गया, जिसके बाद कार्यक्रम समाप्त कराया गया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद के नाम पर निर्माण की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन का आरोप है कि बाबर के नाम पर धार्मिक स्थल बनाकर देश का माहौल खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
विश्व हिंदू रक्षा परिषद के संगठन मंत्री हिमांशु ने कहा कि उनका संगठन मस्जिद के निर्माण के खिलाफ नहीं है, बल्कि बाबर के नाम के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों मस्जिदें बनें, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन बाबर के नाम पर एक भी मस्जिद नहीं बनने दी जाएगी। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि मस्जिद किसी अन्य नाम, जैसे पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के नाम पर बने, तो संगठन उसका समर्थन करेगा।
उपाध्यक्ष मनीष राय ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बाबरी नाम का दोबारा इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर सियासी खेल खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि धर्म के नाम पर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है।
संगठन ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दिल्ली से लगभग 15 हजार पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुर्शिदाबाद के लिए रवाना हो चुके हैं। गोंडा, बहराइच, बाराबंकी और लखनऊ समेत कई जिलों से अलग-अलग टीमें निकलने की बात कही गई।
गौरतलब है कि यह विरोध तृणमूल कांग्रेस से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर के उस बयान के बाद तेज हुआ है, जिसमें उन्होंने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण की बात कही थी। दिसंबर में उन्होंने मस्जिद की आधारशिला भी रखी थी, जिसके बाद से यह विवाद लगातार गहराता जा रहा है।
विवाद को देखते हुए लखनऊ पुलिस और प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में था। संगठन कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और एलआईयू को भी सक्रिय किया गया था, ताकि किसी तरह की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने।
निष्कर्ष:
मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के नाम पर प्रस्तावित निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद अब उत्तर प्रदेश तक गूंजने लगा है। लखनऊ में हिंदूवादी संगठन के प्रदर्शन और मुर्शिदाबाद कूच के ऐलान ने सियासी और प्रशासनिक हलकों की चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल पुलिस सतर्क है, लेकिन आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।


