नई दिल्ली/कीव: यूक्रेन और रूस के बीच चल रहा युद्ध एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर आ गया है। सोमवार तड़के मॉस्को पर हुए यूक्रेनी ड्रोन हमले से बौखलाए रूस ने कीव पर हाल के महीनों का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। यह हमला ऐसे वक्त में हुआ जब अमेरिका, ब्रिटेन और जर्मनी मिलकर नाटो सहयोगियों के साथ यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति पर बैठक करने जा रहे थे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 15 अन्य घायल हुए हैं, जिनमें एक 12 वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
???? मॉस्को पर यूक्रेनी ड्रोन हमले से फैली अफरा-तफरी
यूक्रेन ने सोमवार सुबह रूस की राजधानी मॉस्को पर एक बड़ा ड्रोन हमला किया। इसके चलते मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द या विलंबित हो गईं। यात्रियों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ा और कई को हवाई अड्डे के फर्श पर ही रात गुजारनी पड़ी।
???? रूस का पलटवार: कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला
यूक्रेनी हमले के तुरंत बाद, रूस ने ड्रोन और मिसाइलों से कीव पर व्यापक हमला किया। इसे हाल के महीनों का सबसे बड़ा हवाई हमला माना जा रहा है।
???? डार्नित्स्की जिला सबसे ज्यादा प्रभावित
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एक स्कूल, सुपरमार्केट और गोदामों में भीषण आग लगी।
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कई आवासीय इलाकों में सायरन और धमाकों की आवाजें सुनाई दीं।
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शेवचेनकिव्स्की जिले में एक सबवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर हमला हुआ, जहां बड़ी संख्या में लोग छिपे हुए थे।
वीडियो फुटेज में स्टेशन धुएं से भरा हुआ दिखाई दिया। कीव के मेयर विटाली क्लिटस्को ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए वेंटिलेशन और राहत कार्य तुरंत शुरू किए गए।
????️ यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य मदद की और जरूरत
इस हमले ने यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली की सीमाओं को उजागर किया है।
जेलेंस्की ने स्पष्ट रूप से कहा कि यूक्रेन को तत्काल पश्चिमी सैन्य सहायता की आवश्यकता है, विशेषकर वायु सुरक्षा के क्षेत्र में।
यह हमला उस बयान के कुछ ही दिनों बाद हुआ है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन पहुंचने की बात कही थी। इसे रूस की तरफ से एक रणनीतिक जवाब भी माना जा रहा है।
???????? फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने लिया ग्राउंड रियलिटी का जायजा
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट, जो राष्ट्रपति जेलेंस्की से मुलाकात के लिए कीव में मौजूद थे, उन्होंने विनाशग्रस्त इलाकों का दौरा किया। दोनों नेताओं ने:
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ड्रोन निर्माण में फ्रांसीसी कंपनियों की भागीदारी पर सहमति जताई।
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यूक्रेन की यूरोपीय संघ सदस्यता की दिशा में बढ़ती पहल पर भी चर्चा की।
???? नाटो बैठक से ठीक पहले क्यों अहम है यह हमला?
यह हमला नाटो की आपात बैठक से कुछ ही घंटे पहले हुआ, जिसमें ब्रिटेन और जर्मनी ने यूक्रेन को अतिरिक्त सैन्य सहायता देने की योजना बनाई है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, रूस का यह हमला नाटो पर दबाव बनाने और यूक्रेन को अलग-थलग करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
???? निष्कर्ष: युद्ध का नया अध्याय शुरू?
रूस और यूक्रेन के बीच जारी टकराव में यह घटनाक्रम एक नए उग्र चरण की शुरुआत का संकेत दे सकता है।
रूस का यह आक्रामक पलटवार न केवल सैन्य स्तर पर, बल्कि राजनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी बड़ा संदेश देता है।
अब देखना यह है कि नाटो की बैठक और पश्चिमी देशों की प्रतिक्रियाएं किस दिशा में जाती हैं, और क्या यूक्रेन को वह रक्षा समर्थन मिल पाएगा जिसकी उसे इस समय सबसे ज्यादा जरूरत है।


