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प्रधानमंत्री मोदी आज करेंगे ‘मन की बात’; ट्रंप टैरिफ विवाद के बीच स्वदेशी अपनाने पर जोर

125वें एपिसोड में पीएम मोदी संविधान संशोधन कानून, किसानों के हित और अमेरिकी टैरिफ पर संदेश दे सकते हैं

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (रविवार, 31 अगस्त) अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देशवासियों से संवाद करेंगे। यह कार्यक्रम अपने 125वें एपिसोड तक पहुंच चुका है। इस बार का प्रसारण खास माना जा रहा है क्योंकि यह ऐसे समय पर हो रहा है जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा की है।


किन मुद्दों पर होगी चर्चा?

प्रधानमंत्री मोदी इस एपिसोड में कई अहम विषयों पर बात कर सकते हैं:

  • अमेरिकी टैरिफ विवाद: ट्रंप प्रशासन के फैसले के बीच पीएम मोदी जनता को स्वदेशी अपनाने और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दे सकते हैं।

  • संविधान संशोधन कानून: हाल के संशोधनों को लेकर उठे सवालों और भ्रम को दूर करने की कोशिश हो सकती है।

  • किसानों के हित: खेती-किसानी से जुड़े मुद्दों और योजनाओं पर विशेष चर्चा हो सकती है।


‘मन की बात’ कार्यक्रम का महत्व

  • इस कार्यक्रम की शुरुआत 3 अक्टूबर 2014 को हुई थी।

  • यह 22 भारतीय भाषाओं और 29 बोलियों में प्रसारित होता है।

  • 11 विदेशी भाषाओं में भी इसका अनुवाद और प्रसारण होता है, जिनमें फ्रेंच, चीनी, इंडोनेशियाई, तिब्बती, बर्मी, बलूची, अरबी, पश्तो, फारसी, दारी और स्वाहिली शामिल हैं।

  • आकाशवाणी के 500 से अधिक केंद्रों से यह कार्यक्रम देश और विदेश में एक साथ प्रसारित किया जाता है।


जनता से सीधा संवाद

‘मन की बात’ ने पिछले 10 वर्षों में करोड़ों श्रोताओं तक पहुंच बनाई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कार्यक्रम सिर्फ एक रेडियो संवाद नहीं, बल्कि जनता के साथ प्रधानमंत्री का प्रत्यक्ष संवाद मंच है।


निष्कर्ष:

आज का ‘मन की बात’ एपिसोड भारत-अमेरिका रिश्तों, किसानों के हितों और स्वदेशी आंदोलन जैसे मुद्दों पर नई दिशा दे सकता है। टैरिफ विवाद के बीच पीएम मोदी का यह संबोधन जनता और अंतरराष्ट्रीय जगत, दोनों की नजरों में बेहद अहम माना जा रहा है।

News Desk

Written by News Desk

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