in , ,

योगी का तंज- देश में दो नमूने, एक दिल्ली तो दूसरा लखनऊ में; अखिलेश का पलटवार- यह आत्मस्वीकृति है

यूपी विधानसभा में कोडीन कफ सिरप मुद्दे पर गरमाई सियासत, बयानबाजी के बाद सपा का वॉकआउट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल के दौरान कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। इस दौरान सीएम योगी के एक बयान ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।

सपा द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष बिना पूरी जानकारी और अध्ययन के सवाल उठा रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा—

“देश के अंदर दो नमूने हैं, एक दिल्ली में और दूसरा लखनऊ में बैठते हैं। जब देश में कोई चर्चा होती है तो वो देश छोड़कर चले जाते हैं।”

उन्होंने बिना नाम लिए यह भी जोड़ा कि ऐसे लोग अक्सर विदेश भ्रमण पर चले जाते हैं और पीछे उनके समर्थक हंगामा करते रहते हैं।

कोडीन कफ सिरप मामले पर योगी का पलटवार

मुख्यमंत्री योगी ने साफ कहा कि प्रदेश में कोडीन कफ सिरप से किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में इस सिरप के सबसे बड़े होलसेलर को लाइसेंस समाजवादी पार्टी सरकार ने दिया था।

योगी ने कहा कि इस मामले में NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है और अब तक 77 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने दावा किया कि किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

सपा प्रमुख अखिलेश यादव के “सिरप माफिया पर बुलडोजर चलाने” वाले बयान पर योगी ने कहा—

“चिंता मत कीजिए, समय आने पर बुलडोजर एक्शन भी होगा, उस समय चिल्लाना नहीं।”

अखिलेश यादव का पलटवार, X पर लिखा जवाब

सीएम योगी के बयान के करीब 40 मिनट बाद समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर तीखी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने लिखा—

“आत्म-स्वीकृति… किसी को उम्मीद नहीं थी कि दिल्ली-लखनऊ की लड़ाई यहां तक पहुंच जाएगी। संवैधानिक पदों पर बैठे लोग मर्यादा की सीमा न लांघें। भाजपाई अपनी पार्टी की अंदरूनी खींचतान को चौराहे पर न लाएं।”

विधानसभा में हंगामा, सपा का वॉकआउट

मुख्यमंत्री के बयान के बाद नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय खड़े हुए और कहा कि सीएम ने इशारों में अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर टिप्पणी की है।

इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने किसी का नाम नहीं लिया है और विपक्ष बेवजह इसे अपने ऊपर ले रहा है।

इसके बाद सपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। अध्यक्ष द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद जब शोरगुल जारी रहा, तो सपा विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

‘फातिहा’ वाले बयान पर भी विवाद

योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा—

“जब हमारी कार्रवाई अंतिम चरण में पहुंचेगी, तो आप में से कई लोग फातिहा पढ़ने जाएंगे। हम ऐसी कार्रवाई करेंगे कि आप फातिहा भी न पढ़ सकें।”

इस बयान को लेकर भी विपक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया।

यूपी विधानसभा में कोडीन कफ सिरप मामले ने राजनीतिक बहस को और तीखा कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तीखे व्यंग्य और अखिलेश यादव के पलटवार ने साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में सदन के अंदर और बाहर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ेगा। यह विवाद न केवल स्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि राजनीतिक बयानबाजी का नया अध्याय भी बन गया है।

News Desk

Written by News Desk

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

पंजाब के पूर्व IG अमर सिंह चहल ने खुद को मारी गोली, 12 पेज के सुसाइड नोट में ₹8.10 करोड़ की ऑनलाइन ठगी का खुलासा

फरवरी 2026 से बदलेगा महंगाई और GDP मापने का तरीका, सरकार जारी करेगी नई सीरीज